विद्यार्थियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का दिया संदेश
हरिशंकर सिंह सैनी
देहरादून, 25 सितंबर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज नथुवावाला शुक्रवार को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रचेतना के संदेश से गूंज उठा। विद्यालय परिसर में आयोजित ‘वंदे मातरम्’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और क्षेत्र के लोगों सहित कुल 1,272 लोगों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, अनुशासन, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उत्तराखंड प्रांत के प्रांत प्रचार प्रमुख संजय ने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल भावनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव व्यक्ति के व्यवहार और कर्मों में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य विद्यार्थियों और युवाओं के हाथों में है। इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही अपने सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। अनुशासन, संस्कार, परिश्रम और जिम्मेदारी की भावना को जीवन में अपनाकर ही समाज और राष्ट्र के निर्माण में सार्थक योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता और अखंडता के प्रति प्रतिबद्ध रहने तथा अपने कार्यों के माध्यम से राष्ट्रहित में योगदान देने का आग्रह किया।
मातृभूमि के प्रति सम्मान और समर्पण का प्रतीक है वंदे मातरम्
मुख्य वक्ता संजय ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान, समर्पण और राष्ट्रभावना का प्रतीक है। इसके पीछे निहित भाव को समझते हुए विद्यार्थियों को देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि यशवीर रावत ने भी विद्यार्थियों को राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम के पर्यवेक्षक एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. केएस रावत ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑर्डिनरी लेफ्टिनेंट सुभाष चंद्र भट्ट ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभावना के साथ अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है। विद्यार्थियों में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
सामूहिक जयघोष से गूंज उठा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। समापन अवसर पर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष किया गया, जिससे पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभावना से गूंज उठा।
विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र रमोला ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्य शिशुपाल सिंह रावत के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम के संयोजक आनंद छमलवाण रहे। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र रमोला, व्यवस्थापक प्रेम चमौला, सह-व्यवस्थापक अनूप सेमवाल, कोषाध्यक्ष नवीन रावत, नथुवावाला की पार्षद स्वाति डोभाल, मेजर महावीर सिंह रावत सहित प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और अन्य अतिथि उपस्थित रहे।
