धन्वंतरि पूजन के साथ आयुर्वेद के अवतरण पर हुआ विशेष व्याख्यान

देहरादून। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं निदेशालय, उत्तराखंड में गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “भगवान धन्वंतरि पूजन एवं आयुर्वेद का अवतरण” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया गया। वक्ता ने भगवान धन्वंतरि और आयुर्वेद की भारतीय चिकित्सा परंपरा में भूमिका पर प्रकाश डालते हुए आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताया।

कार्यक्रम में आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक, आयुष एवं आयुष शिक्षा सचिव रंजना राजगुरु, आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाएं निदेशक डॉ. आरपी सिंह तथा ज्वाइंट डायरेक्टर एवं स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. मिथिलेश कुमार ने सहभागिता की। इस अवसर पर विशेष व्याख्यान देने वाले वक्ता को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में वक्ता ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की भारतीय परंपरा है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का प्रवर्तक माना जाता है। आयुर्वेद में रोग के उपचार के साथ-साथ रोग की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर भी विशेष जोर दिया गया है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली के बीच आयुर्वेद की उपयोगिता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सकों एवं अधिकारियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. केएस नपच्याल, डॉ. महेंद्र गुंज्याल, डॉ. आलोक कुमार, प्रो. प्रदीप भारद्वाज, प्रो. अनूप गक्खड़, डॉ. जेएन नौटियाल, डॉ. जेएल फिरमाल, डॉ. शैलेंद्र पांडेय, डॉ. हर्ष, डॉ. एसपी सिंह और डॉ. देशराज सहित अनेक चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।

वक्ताओं ने आयुर्वेद के ज्ञान और इसकी उपयोगिता को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में “आयुर्वेद फॉर ए हेल्दियर टुमॉरो” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में आयुर्वेद की भूमिका को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में भगवान धन्वंतरि से देश-प्रदेश में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की गई।

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