2047 के विकसित भारत में सबसे पहले विकसित राज्य बनेगा उत्तराखंड: अमित शाह

राज्योत्सव में विपक्ष पर साधा निशाना, बोले- अटल ने बनाया, मोदी ने संवारा; 2027 में 60 से अधिक सीटों के साथ तीसरी बार सरकार बनाने का आह्वान

देहरादून।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह में विकास, सुरक्षा, सांस्कृतिक अस्मिता और राजनीतिक भविष्य का रोडमैप रखते हुए वर्ष 2047 तक देवभूमि को देश का सबसे पहले विकसित राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नौ नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य की स्थापना कर दशकों पुराने संघर्ष को सम्मान दिया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश विकसित उत्तराखंड की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने पृथक राज्य के लिए लंबा संघर्ष किया और अनेक कठिनाइयां झेलीं। राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि गौरव, सिद्धि और संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, तब देवभूमि उत्तराखंड विकसित राज्यों की यात्रा में सबसे आगे होगा। इसके लिए राज्य की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और सैन्य परंपरा को संरक्षित रखते हुए विकास करना होगा।

जीएसडीपी में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत वृद्धि

शाह ने प्रदेश की आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 से अब तक उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 50 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये के निवेश धरातल पर उतरकर उद्योगों के रूप में काम शुरू कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने मनीऑर्डर आधारित अर्थव्यवस्था से औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर कदम बढ़ाया है और पर्यटन क्षेत्र में 380 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

यूसीसी, नकल विरोधी कानून और रोजगार का जिक्र

केंद्रीय गृह मंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को उत्तराखंड की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि राज्य देश में इसे लागू करने वाला पहला प्रदेश बना। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की पहल के बाद देश के 15 अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

शाह ने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि बिना सिफारिश 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण और तीन लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की पहल का भी उल्लेख किया।

सीमांत गांवों को आखिरी नहीं, पहला गांव बनाने का संकल्प

सीमा सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर बोलते हुए शाह ने पिछली सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले सड़क निर्माण को लेकर यह तर्क दिया जाता था कि इससे दुश्मन देश के भीतर आ जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 270 करोड़ रुपये से 51 सीमांत गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से सीमांत क्षेत्रों में युवाओं की वापसी शुरू हुई है।

शाह ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे तथा जमरानी, सौंग और किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने होम स्टे योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज और मिलेट मिशन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने वाली पहल बताया।

एसआईआर और घुसपैठ के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की यात्रा को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार देते हुए सवाल किया कि मतदाता सूची को घुसपैठियों से मुक्त किया जाना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन से जुड़े विषयों पर सरकार सख्त कदम उठाएगी। राम मंदिर और घुसपैठ के मुद्दे पर भी उन्होंने विपक्ष की नीतियों की आलोचना की।

2027 के चुनाव के लिए 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य

शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पिछली सरकारों को घेरते हुए कई कथित घोटालों का उल्लेख किया और दावा किया कि पिछले दस वर्षों में राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और देश की सांस्कृतिक राजधानी बनाने का लक्ष्य है।

आगामी विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता से 2027 में 50 प्रतिशत से अधिक वोट और 60 से अधिक सीटें दिलाकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य केवल सत्ता में बने रहना नहीं, बल्कि सीमांत राज्य को सुरक्षा, समृद्धि और सांस्कृतिक पहचान के नए मुकाम तक पहुंचाना है।

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित प्रदेश के अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित रहे।

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