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अल्मोड़ा –उत्तराखंड के प्राचीन जागेश्वर धाम में श्रावणी मेले की धार्मिक गूंज आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के वर्चुअल संबोधन से और भी पावन हो उठी। देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित इस आयोजन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं, आयोजकों और आम जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इसे लोक आस्था का पर्व बताया।

जागेश्वर: आस्था, इतिहास और पहचान का संगम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जागेश्वर धाम केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पौराणिक सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है। 125 से अधिक प्राचीन मंदिरों का यह समूह भगवान शिव की महान उपस्थिति का स्थल है, जहां श्रावण मास में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ता है।

उन्होंने कहा, “श्रावणी मेला हमारी लोक आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भावी पीढ़ी को हमारी परंपराओं से परिचित कराता है।”

धार्मिक पुनर्जागरण का अमृतकाल

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अमृतकाल श्रीराम मंदिर अयोध्या, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्निर्माण जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं में प्रकट हो रहा है। उन्होंने कहा कि यही संकल्प उत्तराखंड सरकार की “मानसखण्ड मंदिर माला मिशन” में भी दिखाई देता है।

जागेश्वर मास्टर प्लान को मिल रही रफ्तार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जागेश्वर मास्टर प्लान के पहले चरण हेतु ₹146 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस योजना के अंतर्गत मंदिर क्षेत्र का संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, मार्गों का सौंदर्यीकरण, आवासीय और पर्यटक संरचनाओं का निर्माण प्राथमिकता में है।

दूसरे चरण की विकास योजनाएं भी स्वीकृत हो चुकी हैं, जो क्षेत्रीय पर्यटन को नई उड़ान देंगी।

अल्मोड़ा जिले को धार्मिक व ईको-पर्यटन का केंद्र बनाने की दिशा में कार्य

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अल्मोड़ा में कोसी नदी के किनारे 40 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक विकसित किया जा रहा है, जो ईको और एडवेंचर टूरिज्म को प्रोत्साहन देगा। इसके अतिरिक्त शीतलाखेत को ईको-टूरिज्म जोन, जबकि द्वाराहाट और बिनसर को आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड केवल तीर्थ नहीं, जीवन शैली है। यहाँ का हर गांव, हर पर्वत और हर नदी संस्कृति से जुड़ी है।”

विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास की जानकारी देते हुए बताया कि नीति आयोग की सतत विकास रिपोर्ट में उत्तराखंड को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से नीचे है और बीते चार वर्षों में 24,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

धर्मांतरण विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता जैसे ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार केवल विकास नहीं, बल्कि धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी कृतसंकल्प है। इस दिशा में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और ऑपरेशन कालनेमी जैसे साहसिक कदम उठाए गए हैं, जो राज्य की सामाजिक संरचना को मजबूत करेंगे।

उपस्थित रहे केंद्रीय राज्य मंत्री और जनप्रतिनिधि

इस वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह मेहरा, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नवीन भट्ट, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय और मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा भी उपस्थित रहे। मंदिर समिति द्वारा मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया गया।

श्रावणी मेला अब केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक पर्यटन और समग्र विकास का वाहक बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देवभूमि एक बार फिर अपने आध्यात्मिक स्वर्ण युग की ओर बढ़ रही है।

By admin