चमोली- “मैदान में बहाया पसीना ही बनेगा भविष्य का कवच”,रिक्रूट जवानों के बीच पहुँचे डीएम व एसपी चमोली।
23 मार्च 2026 से पुलिस लाइन गोपेश्वर में चल रहे रिक्रूट आरक्षियों के एक माह के ‘जे0टी0सी0’ (प्रारम्भिक परिचयात्मक प्रशिक्षण) के दौरान आज का दिन खासा उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक रहा। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार व पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने अचानक प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर रिक्रूट आरक्षियों से सीधा संवाद किया और उनका मनोबल बढ़ाया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस बल जनता और प्रशासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए प्रत्येक जवान का व्यवहार संवेदनशील, संयमित एवं जनहितकारी होना चाहिए। उन्होंने रिक्रूट्स को टीम भावना के साथ कार्य करने, वरिष्ठों के अनुभवों से सीख लेने तथा हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की प्रेरणा दी।
प्रशिक्षण की बारीकियों का निरीक्षण करते हुए एसपी चमोली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी और सेवा का भाव है। उन्होंने कहा कि “प्रशिक्षण वह भट्टी है, जिसमें तपकर साधारण लोहा भी फौलाद बनता है।”
उन्होंने रिक्रूट्स को सख्त लेकिन प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि वर्दी का खौफ आम जनता के लिए नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए होना चाहिए। दबाव कितने भी आएं, आपकी ईमानदारी ही आपका सबसे बड़ा कवच है। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और टीम भावना को एक सफल पुलिसकर्मी की पहचान बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संयम और साहस बनाए रखना ही एक सच्चे पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी ताकत होती है।
एसपी चमोली ने बदलते समय के साथ पुलिसिंग के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे का जिक्र किया और जवानों को तकनीकी रूप से अपडेट रहने, नई चुनौतियों को समझने और आधुनिक पुलिसिंग अपनाने की नसीहत दी।
संवाद के दौरान उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों से उनके अनुभव, समस्याएं एवं प्रशिक्षण से जुड़े सुझाव भी जाने और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस खुले संवाद ने रिक्रूट्स में आत्मविश्वास और जुड़ाव की भावना को और मजबूत किया।
