मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पिटकुल की मानसून तैयारी की समीक्षा की, SOP के पालन और समयबद्ध प्रोजेक्ट पूरे करने के निर्देश
विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे, इसके लिए मानसून में SOP का कड़ाई से पालन अनिवार्य – मुख्य सचिव
देहरादून, 7 जुलाई।उत्तराखंड में मानसून के मद्देनज़र पारेषण तंत्र की तैयारियों को लेकर सोमवार को सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में पिटकुल (पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ़ उत्तराखंड लिमिटेड) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यभर में विद्युत आपूर्ति की निर्बाधता को बनाए रखने, निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति तथा भविष्य की योजना पर विस्तृत मंथन हुआ।
मानसून में विद्युत आपूर्ति रहे सुचारु, SOP का हो सख्त पालन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान विद्युत पारेषण व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए। इसके लिए SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का शत-प्रतिशत पालन हो। उन्होंने कहा कि लाइन ब्रेकडाउन की स्थिति में तत्काल ब्रेकडाउन एनालिसिस कर तेज़ी से आपूर्ति बहाल करना सुनिश्चित करें।
प्रोजेक्ट्स समय से पूरे हों, लागत में न हो बढ़ोतरी
मुख्य सचिव ने पिटकुल के सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा—
“यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रोजेक्ट डिले न हो और इसकी लागत किसी भी सूरत में न बढ़े। सरकार की प्राथमिकता तय समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य है।”
उन्होंने कहा कि किसी भी मास्टर प्लान की पहले CEA (Central Electricity Authority) से समीक्षा जरूर करवाई जाए, ताकि आगे किसी तकनीकी बाधा का सामना न करना पड़े।
भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव नए मानकों के अनुसार भेजें
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लाइन विस्तारीकरण और नए सबस्टेशन की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव सरकार को नवीनतम मानकों के अनुरूप शीघ्र भेजे जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि वे स्वयं विभिन्न निर्माणाधीन विद्युत उत्पादन परियोजनाओं एवं सब-स्टेशनों का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे।
पिटकुल की रेटिंग A से A++ हुई, उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
बैठक में पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिटकुल की रेटिंग A से बढ़कर A++ हो गई है। इससे पिटकुल को मिलने वाले लोन पर 0.50% ब्याज छूट मिलेगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के उपभोक्ताओं को रियायती ऊर्जा दरों के रूप में मिलेगा।
ADB पोषित 6 बड़े पारेषण प्रोजेक्ट 2026 तक होंगे पूर्ण
प्रबंध निदेशक ने बताया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) द्वारा वित्त पोषित 6 प्रमुख पारेषण परियोजनाएं राज्य में प्रगति पर हैं। ये परियोजनाएं निम्नलिखित हैं:
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220 केवी सेलाकुई
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132 केवी खटीमा
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132 केवी लोहाघाट (चंपावत)
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132 केवी धौलाखेड़ा (नैनीताल)
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132 केवी आराघर
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220 केवी मंगलौर
इन परियोजनाओं के वर्ष 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। इससे लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से निजात मिलेगी। औद्योगिक इकाइयों और घरेलू उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, मुख्य अभियंता अनुपम सिंह, इला पंत, कमलकांत, तथा महाप्रबंधक (वित्त) मनोज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक राज्य की विद्युत पारेषण व्यवस्था की मजबूती, पारदर्शिता और दक्षता को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मानसून से पहले इस प्रकार की पूर्व तैयारी दर्शाती है कि सरकार उपभोक्ताओं की सुविधा और औद्योगिक विकास को लेकर गंभीर है।
