विशेष संवाददाता
सीवान:सीवान की ऐतिहासिक धरती ने शुक्रवार को एक बार फिर राजनीति और राष्ट्रवाद के बुलंद नारों की गूंज सुनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां 5200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए बिहार को ‘विकास और विश्वास’ का नया मंत्र दिया। इसके साथ ही उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा करते हुए आंतरिक सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। मंच से उन्होंने सीधे-सीधे विपक्ष पर निशाना साधा और जातीय राजनीति से ऊपर उठकर बिहार के युवाओं, किसानों और महिलाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया।
विकास की नई गाथा: 5200 करोड़ के 41 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन व शिलान्यास
पीएम मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, उनमें रेल, सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शहरी विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं शामिल रहीं। इनसे सीवान, गोपालगंज, सारण, बेतिया, और आसपास के इलाकों को सीधे लाभ मिलेगा।
मुख्य परियोजनाएं:
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मुजफ्फरपुर–छपरा–बेतिया रेल लाइन के दोहरीकरण का शिलान्यास
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सीवान मेडिकल कॉलेज व मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन
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गंडक नहर परियोजना का विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण
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पीएम आवास योजना के 1.2 लाख घरों की ई-गृहप्रवेश योजना का उद्घाटन
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‘हर घर जल’ के तहत सीवान जिले के लिए 780 करोड़ की पेयजल योजनाएं
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PM e-Bus सेवा की शुरुआत से सीवान को पहली बार मिलेगी ई-बसेस की सुविधा
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डिजिटल भारत नेटवर्क के विस्तार हेतु 5G फाइबर कनेक्टिविटी का शुभारंभ
ऑपरेशन सिंदूर: नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक और मनोवैज्ञानिक मुहिम है। उन्होंने कहा:
“अब लाल आतंक की जगह लाल विकास की रेखाएं खिंचेंगी। नक्सलवाद की अंतिम सांसें गिनने का वक्त आ गया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत अब कोई भी गांव छूटेगा नहीं, हर घर तक विकास पहुंचेगा।”
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
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बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सीमावर्ती नक्सल प्रभावित जिलों में समन्वित सुरक्षा और विकासात्मक मिशन।
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केंद्र की ओर से अतिरिक्त 16 हजार CRPF और BSF के जवान तैनात।
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सभी नक्सल क्षेत्र 2026 तक ‘पूर्णतः डिजिटल, शिक्षा-संपन्न और स्वास्थ्य-संपन्न’ बनाने का लक्ष्य।
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Surrender Policy को संशोधित कर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार।
बिहार की जनता से सीधा संवाद: “जातिवाद नहीं, जनहित चाहिए”
मोदी ने विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा:
“कुछ परिवारवादी दल जाति और संप्रदाय के नाम पर वोट मांगते हैं, पर उन्हें गांव की बेटी के उज्ज्वला कनेक्शन, किसान के खेत तक पानी, और गरीब को पक्का घर देने में कोई रुचि नहीं। बिहार अब जाग चुका है।”
मोदी का मुख्य संदेश:
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युवाओं को ‘मुफ्त लैपटॉप’ के साथ डिजिटल सशक्तिकरण का भरोसा।
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महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ योजना से जोड़ने का रोडमैप।
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किसानों के लिए ‘स्मार्ट खेती–डिजिटल मंडी–सौर ऊर्जा पंप’ की त्रिस्तरीय रणनीति।
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उद्योगों के लिए ‘बिहार टेक्नो हब’ और ‘सीवान इंडस्ट्रियल पार्क’ की नींव।
सीवान को विशेष सौगातें: रेलवे, हेल्थ और रोजगार पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री ने सीवान को ‘बिहार के संभावनाशील जिलों’ में से एक करार देते हुए यहां केंद्रित विकास योजनाएं घोषित कीं:
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सीवान में मेडिकल कॉलेज और AIIMS के सैटेलाइट सेंटर की स्थापना
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सीवान–छपरा डबल लाइन और विद्युतीकरण का कार्य
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5 नए ITI कॉलेज और 3 पोलिटेक्निक संस्थानों की घोषणा
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सीवान में ‘टेक्सटाइल क्लस्टर’ की स्थापना से 30 हजार रोजगार
जनता का उत्साह: जनसभा में लाखों की भीड़, ‘मोदी-मोदी’ के नारों की गूंज
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सीवान जिले के सभी 23 प्रखंडों से ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। मंच के सामने लगे विशेष LED स्क्रीनों से लोग पूरे भाषण को सुनते रहे। मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और राज्य बीजेपी अध्यक्ष सम्राट सिंह मौजूद रहे।
विपक्ष पर तंज: “जिन्हें जेल की चिंता है, वो झूठी गंगा आरती कर रहे हैं”
मोदी ने कांग्रेस और राजद पर बिना नाम लिए हमला करते हुए कहा:
“जिन्हें अपने भ्रष्टाचार का भय सता रहा है, वो अब गंगा की आरती करने लगे हैं। मगर बिहार की जनता जानती है कि कौन सच्चा सेवक है और कौन तिजोरी भरने वाला।”
अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ: ‘ग्लोबल साउथ’ में बिहार की भूमिका
पीएम ने कहा कि बिहार को अब ग्लोबल साउथ में ‘डिजिटल कृषि निर्यात केंद्र’ के रूप में उभारने की योजना है। इसके तहत:
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सीवान, समस्तीपुर और दरभंगा में ‘एग्री-प्रोसेसिंग क्लस्टर’
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यूरोप व मिडिल ईस्ट के लिए ‘ऑर्गेनिक मक्का और फल’ के निर्यात केंद्र
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2026 तक बिहार में पहला ‘ग्लोबल ट्रेड एक्सपो’ आयोजित होगा
भविष्य की योजना: बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में स्पष्ट किया कि:
“2029 तक बिहार को देश के टॉप 5 औद्योगिक राज्यों में शामिल करना है। इसके लिए केंद्र, राज्य और जनता को मिलकर काम करना होगा।”
सीवान की जनता का भरोसा, मोदी के वादों पर मोहर
सीवान की जनता ने मोदी को सुना, सराहा और उनके हर वादे पर तालियों की गूंज से मोहर लगाई। आज का दिन सीवान के लिए ऐतिहासिक रहा—न केवल विकास की घोषणाओं की दृष्टि से, बल्कि बिहार के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने वाले सियासी संदेशों की दृष्टि से भी।
