NSS शिविर में कुल्लू पुलिस ने युवाओं को साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, डीपफेक और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी के दुरुपयोग से बचने के बताए उपाय; यातायात नियमों का पालन करने का किया आह्वान
कुल्लू। युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने और सड़क सुरक्षा के महत्व से अवगत कराने के उद्देश्य से कुल्लू पुलिस की ओर से पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भुठी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय में चल रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के विशेष शिविर के दौरान 30 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम में पुलिस की ओर से युवाओं को बताया गया कि आधुनिक तकनीक और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को फोन कॉल, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके
जागरूकता सत्र के दौरान ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं को समझाया गया कि साइबर ठग किस प्रकार सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी या अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं का प्रतिनिधि बनकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। विद्यार्थियों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंकिंग संबंधी जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
इसके साथ ही सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता और संदिग्ध लिंक से बचने के उपाय भी बताए गए। युवाओं को ऑनलाइन ग्रूमिंग, निजी तस्वीरों के दुरुपयोग, ब्लैकमेलिंग और साइबर उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों के प्रति भी सचेत किया गया।
एआई और डीपफेक के दुरुपयोग पर भी किया सचेत
कार्यक्रम में वर्तमान समय की उभरती डिजिटल चुनौतियों पर चर्चा करते हुए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि तकनीक के माध्यम से किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो में बदलाव कर भ्रामक सामग्री तैयार की जा सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली प्रत्येक सामग्री पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध सामग्री को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है।
पुलिस की ओर से साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर **1930** पर संपर्क करना चाहिए। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की रकम को रोकने में मदद मिल सकती है।
सड़क सुरक्षा के नियमों की दी जानकारी
साइबर सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को भी कार्यक्रम का प्रमुख विषय बनाया गया। विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्हें बताया गया कि तेज गति से वाहन चलाना, लापरवाही बरतना, नशे की हालत में वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। सड़क पर थोड़ी सी असावधानी न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन सवारों के जीवन को भी खतरे में डाल सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का जिम्मेदारी से पालन करना चाहिए।
प्रश्नोत्तर के माध्यम से किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रतिनिधियों ने स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद भी किया। प्रश्नोत्तर सत्र में युवाओं ने साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों को अपनाएं, यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इन विषयों के प्रति जागरूक करें।
कुल्लू पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवाओं को जागरूक बनाना, साइबर अपराधों की रोकथाम करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों के प्रति लोगों में जिम्मेदारी विकसित करना पुलिस के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहा कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और सड़कों पर अनुशासन ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव है। साइबर सुरक्षा अपनाएं, यातायात नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
