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रुड़की।आशीर्वाद एन्क्लेव सोसायटी आवास विकास में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया।व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य रजनीश शास्त्री जी महाराज ने रास पांच अध्याय का वर्णन किया।उन्होंने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं।उनमें गाये जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं,जो भी ठाकुर जी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है वह भव पार हो जाता है।उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है।कथा में भगवान का मथुरा प्रस्थान,कंस का वध,महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना,कालयवन का वध, उधव गोपी संवाद,ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना,द्वारका की स्थापना एवं रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ किया गया।कथा के दौरान आचार्य ने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला के द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ।जीव और ब्रह्म के मिलने को महाराष् कहा जाता है।इस अवसर पर नवीन त्यागी,रेखा त्यागी,गौरव शर्मा,मोनिका कौशिक,संचित कौशिक,सृष्टि कौशिक,विशाल आहुजा,अमित सैन,राखी आहूजा,आरती सेन,रजनी कालरा,सुनील शर्मा,विजेन्द्र माहेश्वरी,अमित आहूजा,बिपिन पुंडीर,विकल जैन,राजेश्वर रोहिला,अरुण कश्यप,संगीता कश्यप,यमन सचदेवा,अरुण कुमार,एमके कंसल,बबीता अग्रवाल,आशिष वर्मा,अजय अवस्थी,प्रमोद वर्मा,विनोद वर्मा,विशाल वर्मा,दीपा कालरा,राजश्री मैटकरी,सोनिया गोस्वामी,निशा अवस्थी,आजाद चौधरी,सुनीता,विजय स्वाति मादवन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।कथा के बाद महाआरती भंडारा भोग प्रसाद वितरण किया गया।

By admin

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