मुख्य परिसर अस्पताल में विशेष ओपीडी का शुभारंभ — प्रो. (डॉ.) पंकज शर्मा की अगुवाई में आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने की मुहिम
हर्रावाला, संवाददाता।उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, मुख्य परिसर हर्रावाला के शिक्षण चिकित्सालय में मंगलवार को विशेष ओपीडी (Special OPD) का शुभारंभ किया गया। यह पहल विश्वविद्यालय के परिसर निदेशक एवं डीन प्रो. (डॉ.) पंकज शर्मा के मार्गदर्शन और प्रेरणा से शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुँचाना और समाज में इसके प्रति नई जागरूकता पैदा करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) पंकज शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उप-परिसर निदेशक डॉ. नंद किशोर दधीचि, उप-चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईला तन्ना, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. अखिल जैन, शल्य विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील पांडेय, मुख्य फार्मेसी अधिकारी विवेक तिवारी, डॉ. अमित तमाड्डडी, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. वर्षा सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रो. (डॉ.) पंकज शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता के लिए एक विशेष “आयुर्वेद जन-जागरण मुहिम” शुरू की है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, जनचेतना अभियान और जागरूकता संगोष्ठियाँ आयोजित की जाएँगी।
उन्होंने कहा कि विशेष ओपीडी के तहत प्रत्येक मंगलवार को सुप्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजीव कुरेले, तथा प्रत्येक गुरुवार को डॉ. नंद किशोर दधीचि मरीजों को परामर्श देंगे। आगे चलकर कैंसर, डायबिटीज़, त्वचा रोग एवं अन्य गंभीर बीमारियों के लिए भी विशेष ओपीडी सेवाएँ शुरू की जाएंगी।
प्रो. शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा विज्ञान को आधुनिक शोध के साथ जोड़कर एक नया आयाम देने की दिशा में विश्वविद्यालय तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी चिकित्सकों और शोधकर्ताओं से अपील की कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनें और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में योगदान दें।सभी अतिथियों ने प्रो. (डॉ.) शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा आयुर्वेद के पुनर्जीवन और जनहित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में प्रो. शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आयुर्वेद को गाँव-गाँव, घर-घर तक पहुँचाना, ताकि हर व्यक्ति स्वस्थ भारत के सपने को साकार कर सके।
