70% आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अनिवार्य, अब राज्यों की जिम्मेदारी तय
नई दिल्ली। देशभर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे कम से कम 70 प्रतिशत आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण सुनिश्चित करें।
पहले केंद्र केवल सुझाव देता था, लेकिन अब इसे राज्यों की जिम्मेदारी बनाकर अनिवार्य कर दिया गया है। हर राज्य को अपनी मासिक प्रगति रिपोर्ट केंद्र को भेजनी होगी। यदि काम में लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी।
केंद्र देगा वित्तीय मदद
नसबंदी और वैक्सीनेशन पर होने वाले खर्च के लिए केंद्र सरकार राज्यों की सहायता करेगी। छोटे आश्रयों के लिए 15 लाख और बड़े आश्रयों के लिए 27 लाख रुपये तक की मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, प्रति कुत्ता नसबंदी पर 800 और वैक्सीनेशन पर 600 रुपये का खर्च केंद्र उठाएगा।
कुत्तों को उनके मूल स्थान पर छोड़ना जरूरी
सरकार ने साफ किया है कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को उनके मूल स्थान पर ही छोड़ा जाए। इसके साथ ही, हर राज्य को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कुत्तों से होने वाली घटनाओं की नियमित रिपोर्ट भेजी जाए।
नगर निकायों पर बड़ी जिम्मेदारी
केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर नगर निगम और स्थानीय निकायों को कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसके लिए फीडिंग जोन, कुत्ता नियंत्रण इकाइयां और आश्रय स्थलों का निर्माण भी किया जाएगा।
आवारा कुत्तों पर अब ढिलाई नहीं चलेगी।
नसबंदी और टीकाकरण अनिवार्य, खर्च का बड़ा हिस्सा केंद्र उठाएगा।
राज्यों को हर महीने रिपोर्ट देनी होगी
