विधानसभा सत्र के पहले दिन थराली की पूर्व विधायक स्व. मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि
देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही सोमवार को भावुक माहौल में शुरू हुई। सदन की शुरुआत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली की पूर्व विधायक स्वर्गीय मुन्नी देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका सम्पूर्ण जीवन जनसेवा को समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि “स्वर्गीय मुन्नी देवी में हमेशा जनता के लिए कुछ करने की ललक दिखाई दी। वह सिर्फ जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में समाजसेवी थीं।”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 में नारायणबगड़ के डुंगरी गांव में आई आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में भी स्व. मुन्नी देवी अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना प्रभावितों के बीच मौजूद रहीं। उन्होंने बताया, “डुंगरी गांव चार–पांच किलोमीटर पैदल दूरी पर था। तबीयत खराब होने के बावजूद मुन्नी देवी गांव में पीड़ितों के साथ खड़ी थीं। मेरे मना करने के बावजूद वह हमें रिसीव करने के लिए आधे रास्ते तक आ गईं। उनके अंदर जनसेवा का अद्भुत जज्बा था।”
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि कुछ ही दिन पहले वह अस्पताल में उनसे मिलने गए थे। कमजोरी से भरे चेहरे में भी उनके भीतर असाधारण शांति और तेज दिखाई दे रहा था। तब भी वह अपने क्षेत्र की समस्याओं और जनता की भलाई को लेकर चिंतनशील थीं।
उन्होंने कहा कि स्व. मुन्नी देवी ने जिला पंचायत अध्यक्ष चमोली और थराली विधायक रहते हुए राजनीति को केवल जनसेवा का माध्यम माना। महिलाओं के उत्थान, ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके निधन से न केवल राजनीति में, बल्कि समाज में भी जो खालीपन आया है, उसे भर पाना कठिन है।
