प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन: सुधार, आत्मनिर्भरता और प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने का एक दृष्टिकोण
कानूनों और अनुपालन को सरल बनाना
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि पिछले वर्षों में, सरकार ने सुधारों का एक ऐतिहासिक अभियान चलाया है और 40,000 से अधिक अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त कर दिया है। श्री मोदी ने कहा कि 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में दर्जनों अन्य कानूनों को सरल बनाया गया, जिसमें नागरिकों के हितों को सदैव सबसे आगे रखा गया।
श्री मोदी ने कहा कि केवल वर्तमान सत्र में, 280 से अधिक प्रावधानों को हटा दिया गया, जिससे शासन को हर भारतीय के लिए सरल और अधिक सुलभ बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि सुधार केवल अर्थशास्त्र के बारे में नहीं है, यह नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को बदलने के बारे में भी है।
कुछ प्रमुख उपलब्धियों पर जिन पर उन्होंने प्रकाश डाला:
- आयकर सुधार और फेसलेस मूल्यांकन, प्रणाली को पारदर्शी और कुशल बनाना
- 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर शून्य कर एक ऐसा लाभ जिसकी कुछ वर्ष पहले तक कोई भी कल्पना भी नहीं कर सता था
- भारतीय न्याय संहिता के साथ पुराने आपराधिक कानूनों का प्रतिस्थापन, न्याय और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाना
ये सुधार एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित सरकार का संकेत देते हैं जहाँ आम लोग सुगमता, निष्पक्षता और सशक्तिकरण का अनुभव कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि भारत संरचनात्मक, नियामक, नीतिगत, प्रक्रिया और प्रक्रियागत सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है और एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण कर रहा है जहाँ शासन जनता के लिए काम करे, न कि जनता शासन के लिए काम करे।
उद्यमियों और एमएसएमई को सशक्त बनाना
सरकार के सुधारों का उद्देश्य स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और उद्यमियों के लिए अनुपालन लागत को कम करने के साथ साथ पुराने कानूनी प्रावधानों के डर से मुक्ति सुनिश्चित करना है। यह व्यवसाय विकास के लिए अधिक अनुकूल वातावरण बनाता है, नवाचार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करता है।
अगली पीढ़ी के सुधार और कार्य बल
प्रधानमंत्री मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक कार्य बल के गठन की घोषणा की, जो आर्थिक गतिविधियों से संबंधित सभी मौजूदा कानूनों, नियमों और प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करेगा। कार्य बल एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम करेगा:
- स्टार्टअप, एमएसएमई और उद्यमियों के लिए अनुपालन लागत कम करना
- मनमानी कानूनी कार्रवाइयों के डर से मुक्ति प्रदान करना
- व्यापार करने में सुगमता के लिए कानूनों को सुव्यवस्थित करना सुनिश्चित किया जाए
इन सुधारों का उद्देश्य नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के लिए एक सहायक इकोसिस्टम बनाना है।
अगली पीढ़ी के वस्तु और सेवाकर सुधार
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दिवाली तक अगली पीढ़ी के वस्तु और सेवाकर (जीएसटी) सुधारों को पेश करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर करों को कम करना है। उन्होंने कहा, ‘’सरकार अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लाएगी, जिससे आम आदमी पर कर का बोझ कम होगा। यह आपके लिए दिवाली का तोहफा होगा।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सुधारों से नागरिकों को सीधे तौर पर लाभ मिले और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिले।
भविष्य के लिए परिकल्पना
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि दूसरों की सीमाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, भारत को प्रगति की अपनी रेखा का विस्तार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते आर्थिक स्वार्थ की दुनिया में, भारत की क्षमताओं को मजबूत करने, अवसरों का विस्तार करने और नागरिकों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। ये सुधार शासन परिवर्तन के एक त्वरित चरण की शुरुआत का प्रतीक हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत अधिक लचीला, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बने।
स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई प्रमुख घोषणाएँ
अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन के अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले को भारत के उत्थान के अगले अध्याय के लिए एक शुभारंभ-स्थल में बदल दिया। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर, उन्होंने कई साहसिक घोषणाएँ कीं, जो एक ऐसे राष्ट्र का संकेत देती हैं, जो भविष्य में केवल कदम रखने के लिए नहीं, बल्कि छलांग लगाने के लिए तैयार है।
भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप बनाने से लेकर जेट इंजन बनाने तक, दस गुना परमाणु ऊर्जा विस्तार से लेकर युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के रोज़गार प्रोत्साहन तक, उनका संदेश स्पष्ट था: भारत अपना भाग्य स्वयं परिभाषित करेगा, अपनी शर्तें स्वयं निर्धारित करेगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखेगा।
प्रमुख घोषणाएँ:
- सेमीकंडक्टर: खोए हुए दशकों से लेकर मिशन मोड तक
यह याद करते हुए कि कैसे 50-60 साल पहले सेमीकंडक्टर कारखाने स्थापित करने के प्रयास “शुरुआत के समय ही समाप्त” हो गए थे, जबकि अन्य देश समृद्ध हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत अब मिशन मोड में है। इस वर्ष के अंत तक, देश अपनी पहली मेड इन इंडिया चिप का शुभारंभ करेगा।
- 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता में दस गुनी वृद्धि होगी
अगले दो दशकों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता को दस गुना से अधिक बढ़ाने के भारत के मिशन के तहत 10 नए परमाणु रिएक्टरों पर काम चल रहा है।
- जीएसटी सुधार – एक दिवाली उपहार
अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का दिवाली पर अनावरण किया जाएगा, जिसके तहत आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम होंगे और एमएसएमई, स्थानीय विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
- 10 ट्रिलियन डॉलर के भारत के लिए सुधार कार्य बल
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित सुधार कार्य बल के गठन की घोषणा की। इसका कार्यादेश होगा: आर्थिक विकास में तेज़ी लाना, लालफीताशाही कम करना, शासन का आधुनिकीकरण करना और 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों के लिए तैयार करना।
- 1 लाख करोड़ रुपये की पीएम विकसित भारत रोज़गार योजना
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 1 लाख करोड़ रुपये की एक बड़ी रोज़गार योजना की शुरुआत की, जिसके तहत नए रोज़गार पाने वाले युवाओं को प्रति माह 15,000 रुपये मिलेंगे। इस योजना का उद्देश्य 3 करोड़ युवा भारतीयों को लाभान्वित करना है, जिससे स्वतंत्र भारत से समृद्ध भारत तक का सेतु मज़बूत होगा।
- उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध प्रवास के कारण जनसांख्यिकीय असंतुलन के ख़तरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन शुरू करने की घोषणा की, ताकि भारत के नागरिकों की एकता, अखंडता और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- ऊर्जा स्वतंत्रता – समुद्र मंथन की शुरुआत
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत के बजट का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पेट्रोल, डीज़ल और गैस के आयात में खर्च हो जाता है। उन्होंने समुद्री संसाधनों के उपयोग के लिए राष्ट्रीय डीपवाटर अन्वेषण मिशन की शुरुआत तथा सौर, हाइड्रोजन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा में बड़े विस्तार की घोषणा की।
- भारत में निर्मित जेट इंजन – एक राष्ट्रीय चुनौती
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जिस तरह हमने कोविड के दौरान टीके बनाए और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई का उपयोग किया, उसी तरह हमें अपने जेट इंजन भी बनाने चाहिए। उन्होंने अपने वैज्ञानिकों और युवाओं से इसे एक सीधी चुनौती के रूप में लेने का आग्रह किया।
