राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के अंतर्गत 145वाँ स्कूल कार्यक्रम आयोजित
हरबर्टपुर (देहरादून), 5 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के अंतर्गत आज सेपियंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हरबर्टपुर में अभियान का 145वाँ स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, चरित्र, अनुशासन, संस्कार तथा ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना को विकसित करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के निदेशक डॉ. रविन्द्र कुमार सैनी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके नागरिकों के चरित्र और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा में निहित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में ‘मनी फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘नेशन फर्स्ट’ के सिद्धांत को अपनाएँ।
डॉ. सैनी ने कहा कि विद्यार्थी भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, पीसीएस, आईपीएस अथवा राजनेता बनें, लेकिन प्रत्येक क्षेत्र में व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि विकसित और सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब नागरिक अपने कर्तव्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दें।
उन्होंने विद्यार्थियों को ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि चीन ने स्वतंत्रता के बाद अपनी गुलामी की निशानियों को समाप्त करने का प्रयास किया, जबकि भारत में स्वतंत्रता के बाद भी अनेक औपनिवेशिक प्रतीक और नाम लंबे समय तक बने रहे। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय नायकों और राष्ट्रभक्तों के योगदान को सम्मान देते हुए नई पीढ़ी में राष्ट्रीय गौरव की भावना विकसित करनी चाहिए।
स्वदेशी जागरण अभियान के विभाग संयोजक रघुनाथ सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रभावशाली ढंग से ऐतिहासिक तथ्यों को रखते हुए छात्र-छात्राओं को स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में राष्ट्रहित का महत्वपूर्ण कदम है।
विद्यालय की निदेशक श्रीमती रश्मि गोयल ने दोनों अतिथियों का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और चरित्र निर्माण जैसे विषयों पर इस प्रकार के कार्यक्रम उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ के संदेश के साथ विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में देशहित, अनुशासन, स्वदेशी भावना और सकारात्मक सोच को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
