डॉ. सुनील अग्रवाल बने संरक्षक, संजीव विरमानी को अध्यक्ष की जिम्मेदारी; 45 विद्यालयों के प्रबंधकों ने लिया हिस्सा
देहरादून। अशासकीय विद्यालयों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान और विद्यालय प्रबंधकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से अशासकीय विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन देहरादून का पुनर्गठन किया गया। मंगला देवी इंटर कॉलेज में आयोजित बैठक में जनपद के 45 अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया। बैठक में सर्वसम्मति से निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल को एसोसिएशन का संरक्षक निर्वाचित किया गया।
बैठक में अशासकीय विद्यालयों के संचालन, छात्र संख्या में कमी, विद्यालयों के विकास के लिए संसाधनों की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। प्रबंधकों ने कहा कि अशासकीय विद्यालय लंबे समय से सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में विद्यालयों के समक्ष आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत और सक्रिय संगठन की आवश्यकता है।
सर्वसम्मति से हुआ पदाधिकारियों का निर्वाचन
चुनाव अधिकारी राजेश चंद्र शर्मा एवं महावीर सिंह मेहता ने संगठन के प्रांतीय संरक्षक चंद्र मोहन पयाल तथा चुनाव के पर्यवेक्षक एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष उत्तम सिंह नेगी की देखरेख में निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई। सभी पदों पर सर्वसम्मति बनने के बाद पदाधिकारियों के निर्वाचन की घोषणा की गई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर संजीव विरमानी, उपाध्यक्ष पद पर राधे श्याम पैन्यूली, सचिव पद पर लोकेश बहुगुणा, सहसचिव पद पर नूर अहमद तथा कोषाध्यक्ष पद पर वीएस चौधरी को चुना गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शिव सिंह, सुरेश कुमार अरोड़ा, बाबू सिंह चौहान, दीपक सैनी और दिगंबर प्रसाद जैन को जिम्मेदारी दी गई।
समस्याओं के समाधान के लिए शासन से होगी वार्ता
निर्वाचन के बाद संगठन के प्रांतीय संरक्षक चंद्र मोहन पयाल ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का उद्देश्य केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अशासकीय विद्यालयों की वास्तविक समस्याओं को एकजुट होकर शासन और प्रशासन के समक्ष रखना भी होना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचित संरक्षक डॉ. सुनील अग्रवाल से अपेक्षा की कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. अग्रवाल के मार्गदर्शन में एसोसिएशन विद्यालयों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रभावी ढंग से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचा सकेगा।
संरक्षक निर्वाचित होने के बाद डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि अशासकीय विद्यालय सरकार के शिक्षा संबंधी दायित्व को पूरा करने में अपने संसाधनों से महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और सीमित संसाधनों में प्रबंधक विद्यालयों का संचालन कर रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालयों के सामने अनेक व्यावहारिक और वित्तीय चुनौतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन और प्रशासन से वार्ता की जाएगी। विद्यालय प्रबंधकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने के साथ ही उनके सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि अशासकीय विद्यालयों के विकास और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाए।
छात्र संख्या बढ़ाना भी बड़ी चुनौती
डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में अशासकीय विद्यालयों के सामने छात्र संख्या बनाए रखना और बढ़ाना भी एक बड़ी चुनौती है। विद्यालयों को अपनी छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अशासकीय विद्यालयों को मजबूत किया जाता है तो इससे सरकार पर शिक्षा व्यवस्था का दबाव भी कम होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके लिए विद्यालय प्रबंधकों, शिक्षकों, अभिभावकों और शासन-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
संगठन को मजबूत बनाने पर जोर
बैठक में प्रबंधकों ने कहा कि अलग-अलग स्तर पर विद्यालयों की समस्याएं उठाने के बजाय संगठन के माध्यम से सामूहिक रूप से समस्याओं को शासन तक पहुंचाया जाना अधिक प्रभावी होगा। एसोसिएशन विद्यालय प्रबंधकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने के साथ ही उनके हितों और विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।
बैठक में विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रबंधकों ने अपने सुझाव भी रखे। उपस्थित प्रबंधकों ने नवगठित कार्यकारिणी को सहयोग देने और संगठन को मजबूत बनाने का भरोसा दिलाया।
चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में मंगला देवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र एवं विद्यालय के स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बैठक के अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने तथा अशासकीय विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
