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हैदराबाद के सनथ नगर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा करते उत्तराखंड के मीडिया प्रतिनिधिमंडल के सदस्य। अस्पताल अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को अत्याधुनिक चिकित्सा, डिजिटल हेल्थ और मरीज सेवाओं की जानकारी दी।
ईएसआईसी सनथ नगर: इलाज की आधुनिक तकनीक और सेवाओं का नया मॉडल
किडनी ट्रांसप्लांट से डिजिटल हेल्थ तक… 1,044 बेड के परिसर में मरीजों को मिल रही अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा
उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने किया ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा | 2025 में ओपीडी पहुंची 9.80 लाख के पार, 20 हजार से अधिक सर्जरी | ईएसआईसी नेटवर्क में किडनी प्रत्यारोपण का प्रमुख केंद्र बना सनथ नगर
हैदराबाद से गिरीश जोशी की रिपोर्ट
हैदराबाद। स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सा और डिजिटल सुविधाओं का समन्वय किस तरह मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा सकता है, इसकी तस्वीर हैदराबाद के सनथ नगर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में देखने को मिली। उत्तराखंड से हैदराबाद प्रेस दौरे पर पहुंचे 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को ईएसआईसी सनथ नगर का दौरा कर यहां उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल हेल्थ सुविधाओं और कर्मचारी राज्य बीमा योजना के लाभार्थियों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से आयोजित इस प्रेस दौरे का उद्देश्य पत्रकारों को तेलंगाना में केंद्र सरकार की प्रमुख विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी पहलों की जमीनी हकीकत से रूबरू कराना है। इसी क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों और प्रयोगशाला सुविधाओं का निरीक्षण किया।
1,044 बेड का एकीकृत चिकित्सा परिसर
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सनथ नगर की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की उपलब्धियों और स्वास्थ्य ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनथ नगर परिसर में कुल 1,044 बेड की एकीकृत स्वास्थ्य सुविधा है। इसमें 800 बेड का ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और 244 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है।
परिसर में 159 आईसीयू बेड, 45 डायलिसिस बेड, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और पांच उन्नत ओटी सूट उपलब्ध हैं। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी समेत अनेक सुपर स्पेशलिटी सेवाएं यहां उपलब्ध हैं। इमरजेंसी सेवा 24 घंटे संचालित रहती है।
बढ़ते मरीज, बढ़ती सेवाओं का भरोसा
अस्पताल में मरीजों का बढ़ता दबाव इसकी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों के भरोसे को भी दर्शाता है। वर्ष 2022 में जहां वार्षिक ओपीडी संख्या 6,93,853 थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 9,80,925 हो गई। औसत दैनिक ओपीडी भी 2,354 से बढ़कर 3,248 मरीज तक पहुंच गई।
इसी अवधि में वार्षिक दाखिले 78,086 से बढ़कर 95,037 हुए। सर्जरी की संख्या भी 16,223 से बढ़कर 20,117 हो गई। वर्ष 2025 में अस्पताल की बेड ऑक्यूपेंसी दर 85.6 प्रतिशत रही।
किडनी ट्रांसप्लांट में बनाई अलग पहचान
सनथ नगर की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शामिल हैं। नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग ईएसआईसी नेटवर्क के भीतर किडनी प्रत्यारोपण के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। यहां लाइव डोनर और कैडवेरिक डोनर दोनों तरह के ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। अस्पताल में ABO-असंगत किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी उपलब्ध है।
8 जून 2024 को संस्थान में पहला इन-हाउस कैडवेरिक ऑर्गन रिट्रीवल किया गया। अब तक 30 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं, जिनमें 18 लाइव डोनर ट्रांसप्लांट शामिल हैं। वर्ष 2025-26 में हीमोडायलिसिस सुविधा से 59,868 बीमित मरीज लाभान्वित हुए।
16.7 लाख से ज्यादा जांच ने बढ़ाई डायग्नोस्टिक क्षमता
अस्पताल की पैथोलॉजी प्रयोगशाला भी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। एनएबीएल एंट्री-लेवल टर्शियरी-केयर डायग्नोस्टिक लैब में 162 प्रकार की जांचें उपलब्ध हैं। आठ विशेषज्ञता वर्गों में 90 से अधिक इम्युनोहिस्टोकेमिस्ट्री और मॉलिक्यूलर मार्कर की सुविधा है। वर्ष 2025-26 में प्रयोगशाला में 16.7 लाख से अधिक जांचें की गईं।
डिजिटल तकनीक से घर तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा
ईएसआईसी सनथ नगर ने उपचार व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। रेडियोलॉजिकल इमेजिंग के लिए पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम, ई-आईसीयू, रीयल-टाइम ऑक्सीजन एवं वैक्यूम पाइपलाइन मॉनिटरिंग, केंद्रीय सूचना प्रणाली डैशबोर्ड और ऑनलाइन सैंपल कलेक्शन जैसी सुविधाएं संचालित हैं।
मरीजों को होम ड्रग डिलीवरी, होम सैंपल कलेक्शन, एएए+ ऐप से ऑनलाइन परामर्श और 5जी-सक्षम एंबुलेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस कार्यान्वयन, आधार सीडिंग और ओपीडी में लैन कनेक्टिविटी जैसी व्यवस्थाएं भी लागू हैं।
मेडिकल शिक्षा का भी बड़ा केंद्र
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटों के साथ 106 एमडी/एमएस, 15 एम.ची., 12 डीएनबी और छह एफएनबी सीटें उपलब्ध हैं। एलाइड हेल्थ साइंसेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 72 सीटें भी हैं। इससे संस्थान उपचार के साथ-साथ भविष्य के चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल को डॉ. जया कुंदन गेडाम, डॉ. रत्ना गोसाईं, डॉ. जी. लक्ष्मी प्रसाद और डॉ. जी. तिरुपति ने विभिन्न चिकित्सा एवं शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। पत्रकारों ने अस्पताल की प्रयोगशाला और अन्य चिकित्सा इकाइयों का दौरा कर व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
ईएसआईसी सनथ नगर को वर्ष 2019 से लगातार 500 से अधिक बेड की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ईएसआईसी अस्पताल के रूप में मान्यता मिलती रही है। आधुनिक चिकित्सा, डिजिटल तकनीक, जटिल उपचार सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा के समन्वय के चलते सनथ नगर अब सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐसे मॉडल के रूप में उभर रहा है, जहां तकनीक और मानवीय स्वास्थ्य सेवा एक साथ दिखाई देती है।
ईएसआईसी सनथ नगर एक नजर में
– कुल स्वास्थ्य सुविधा: 1,044 बेड
– मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल: 800 बेड
– सुपर स्पेशलिटी अस्पताल: 244 बेड
– आईसीयू: 159 बेड
– डायलिसिस: 45 बेड
– मॉड्यूलर ओटी: 10
– 2025 की ओपीडी: 9,80,925
– 2025 की सर्जरी: 20,117
– किडनी ट्रांसप्लांट: 30
– 2025-26 हीमोडायलिसिस लाभार्थी: 59,868
– 2025-26 पैथोलॉजी जांच: 16.7 लाख से अधिक
– एमबीबीएस सीटें: 150
