जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और पाप व अत्याचार बढ़ता है,तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते हैं अवतार,आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज
जब-जब संसार में धर्म की हानि होती है और पाप व अत्याचार बढ़ता है,तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते हैं अवतार,आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज रुड़की।ज्योतिष गुरुकुलम में…
