रुड़की।पितृ पक्ष के पावन अवसर पर ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की में आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।कथा का आयोजन आज से आगामी चार अक्टूबर तक चलेगा।कथा का वाचन ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक गुरु आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है।कथा के शुभारंभ से पूर्व आज महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई।कलश यात्रा सोना देवी मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई।महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर भगवान के भजन एवं गुणगान करते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ यात्रा निकाली।कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ,पुरानी तहसील रुड़की पहुंची,जहां विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।पूरा वातावरण भगवान श्रीहरि के जयकारों,भजनों और धार्मिक मंत्रोच्चार से भक्तिमय हो गया।महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।आध्यात्मिक गुरु रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि पितृ पक्ष श्रद्धा,सेवा,तर्पण और अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष अवसर है।श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को भगवान की भक्ति,सदाचार,सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर भगवान श्रीमद् भागवत की कथा का श्रवण करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं,बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है।भागवत कथा के माध्यम से भगवान की लीलाओं,भक्ति,धर्म,कर्म और मानव जीवन के मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचता है।उन्होंने बताया कि ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ में आज से आगामी चार अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर ढाई बजे से सायं काल साढ़े पांच बजे बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा।कथा में राधा भटनागर,चित्रा गोयल,रितु वर्मा,परीक्षा वर्मा,वंदना जायसवाल,कमलेश धीमान,मोनिका,सीमा शर्मा,सरिता शर्मा आदि भक्तगण मौजूद रहे।
