राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के 139वें विद्यालय में विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रथम, स्वदेशी और नशामुक्त भारत का संदेश
हरबर्टपुर, 18 सितंबर : राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के तहत शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर में प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के 139वें विद्यालय में अभिनव भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को राष्ट्र प्रथम, स्वदेशी अपनाने और नशामुक्त भारत के निर्माण का संदेश दिया।
डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि राष्ट्र का भविष्य युवाओं के चरित्र, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति पर निर्भर करता है। युवाओं में देशप्रेम, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच का विकास सशक्त भारत की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
स्वदेशी से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
स्वदेशी जागरण अभियान के विभाग संयोजक रघुनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी राष्ट्रीय भावना है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर युवा देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे सकते हैं।
भजन से दिया नशामुक्ति का संदेश
राष्ट्रीय चरित्र निर्माण अभियान के निदेशक डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी ने प्रेरक भजन के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। “नशा न करना, मान लो कहना, मेरे भाई-बहना, नहीं तो होगी बड़ी खराबी…” जैसे संदेश के माध्यम से उन्होंने युवाओं से नशे से पूरी तरह दूर रहने तथा स्वस्थ, संस्कारित और जिम्मेदार जीवन अपनाने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम में सुभारती अस्पताल के ओएसडी बलवंत बोहरा एवं जगदीश गुप्ता सहित विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनींद्र बड़थ्वाल के नेतृत्व में विद्यालय के चहुंमुखी विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई। वक्ताओं ने उनके विनम्र, सहज और आत्मीय व्यवहार को उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान बताया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रहित, स्वदेशी, अनुशासन और नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
