प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल सुरक्षा संदेश और मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के “युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम” के तहत उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ जन-जागरूकता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है
प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल सुरक्षा संदेश और मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के “युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम” के तहत उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ जन-जागरूकता को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रारंभिक स्तर से ही साइबर अपराधों एवं डिजिटल जोखिमों के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनाने के उद्देश्य से आज राज्यव्यापी वर्चुअल साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ की उपस्थिति में राजकीय नवोदय विद्यालय, तपोवन, नालापानी, देहरादून स्थित ICT Virtual Classroom Studio में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 1100 से अधिक राजकीय विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 1.75 लाख छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
पुलिस महानिदेशक ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए Online Fraud, Social Media Safety, Hacking, Artificial Intelligence, Cyber Bullying एवं साइबर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया सहित साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल, सहज एवं व्यावहारिक तरीके से उत्तर देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय Technology एवं Artificial Intelligence का युग है, जिसमें विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए सीखने, नवाचार करने तथा अपने भविष्य को नई दिशा देने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर बच्चों एवं युवाओं का साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। जागरूक एवं सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को प्रभावी ढंग से विफल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं Cyber Smart Citizen बनने तथा अपने माता-पिता, परिवारजनों एवं मित्रों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
पुलिस महानिरीक्षक, साइबर श्री नीलेश आनंद भरणे, एसएसपी एसटीएफ श्री अजय सिंह एवं एएसपी, साइबर श्री शांतनु परासर ने विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर एवं संवाद सेशन के दौरान वर्तमान डिजिटल परिदृश्य में साइबर सुरक्षा के महत्व, बदलते साइबर अपराधों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, साइबर जागरुकता के प्रति उत्साह एवं जिज्ञासा को देखते हुए उनकी मांग पर पुलिस महानिदेशक ने राजकीय स्कूलों में साइबर जागरूकता गतिविधियों को नियमित एवं प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।

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