देहरादून-मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में एशियन डेवलपमेंट बैंक और उत्तराखण्ड सरकार के निर्माण संबंधी विभागों के मध्य बैठक हुई। बैठक के दौरान एडीबी द्वारा उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों के चल रहे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव के निर्देश पर विभागों द्वारा अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतीकरण किया गया। मुख्य सचिव ने एडीबी के अधिकारियों से प्रदेश में कौशल विकास से संबंधित प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जनपद में कम से कम एक मॉडल स्किल सेंटर बनाया जाए। इसमें युवाओं के कौशल विकास के साथ ही सर्टिफिकेशन और 100 प्रतिशत प्लेसमेंट पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए एक होलिस्टिक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वह प्रदेश में पुलों के निर्माण और लैंड स्लाइड जोन के ट्रीटमेंट कार्य को भी वित्त पोषित करने के लिए एडीबी को प्रस्ताव प्रेषित करें। उन्होंने टिहरी झील रिंग रोड को एडीबी द्वारा वित्त पोषित किए जाने की बात भी कही। साथ ही निर्देश दिए कि इस योजना को प्राथमिकता पर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं को भी एडीबी द्वारा वित्त पोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि JICA से वित्त पोषित जनपदों को छोड़कर अन्य जनपदों के प्रस्तावों को एडीबी द्वारा वित्त पोषित किया जाए। मुख्य सचिव ने अर्बन मोबिलिटी और अर्बन प्लानिंग को भी एडीबी में शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स तैयार कर एडीबी को सौंपे जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभागों को अपनी योजनाओं की प्राथमिकता तय करनी हैं। उन्होंने चरणबद्ध तरीके से अपने महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव एडीबी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एडीबी की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका (Mio Oka) ने उत्तराखण्ड में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स के विषय में चर्चा की। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा नए प्रोजेक्ट्स पर कार्य किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही, विभागों द्वारा शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराने की बात कही।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, श्री दिलीप जावलकर, एडीबी से श्री अशोक श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
