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लखनऊ,प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुण्ड गोरखपुर की 12 मेधावी छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर छात्राओं ने राज्यपाल जी से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनमें मुख्य रूप से बालिकाओं की उन्नति हेतु सरकार की योजनाएं, विद्यालयों में कौशल विकास एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण का भविष्य तथा सरकारी सहयोग, राज्य के विकास के लिए महामहिम के लक्ष्य, कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों की शिक्षा हेतु सरकारी सुविधाएं, युवाओं की राजनीति में सहभागिता का स्वरूप, वर्तमान परिदृश्य में बालिकाओं के लिए राज्यपाल जी का संदेश, नारी वंदन अधिनियम पर विचार, उच्च शिक्षा की बढ़ी हुई फीस और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए अवसर, राज्यपाल जी की सरलता और सहजता के कारण, शामिल रहे।
राज्यपाल जी ने सभी प्रश्नों का बड़ी ही सहजता और सरलता से उत्तर देते हुए छात्राओं को परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बालिकाएं शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से समाज में अपनी मजबूत व सार्थक पहचान बना सकती हैं।
राज्यपाल जी ने बालिकाओं की उन्नति हेतु सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार छात्राओं को यूनिफार्म, छात्रवृत्ति, कम शुल्क पर उच्च शिक्षा आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने छात्राओं को कृषि, शोध, स्टार्टअप और कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
व्यावसायिक प्रशिक्षण पर उन्होंने कहा कि सरकार कम ब्याज दर पर ऋण और अनुदान उपलब्ध करा रही है, जिससे महिलाएं आसानी से रोजगार व व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। गुजरात के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी माफी, बैंक ऋण सुविधा, “ड्रोन दीदी“ और “लखपति दीदी“ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। राज्य के लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करना युवाओं की जिम्मेदारी है। इस लक्ष्य पर सभी मिलकर काम करेंगे तो भारत विकसित ही नहीं पुनः विश्वगुरु बन जायेगा।
नारी वंदन अधिनियम को उन्होंने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बताया और कहा कि जब घर में बेटियों व माताओं को सम्मान मिलेगा तथा समानता और संवेदनशीलता का वातावरण बनेगा, तभी वास्तविक सशक्तिकरण संभव होगा। उच्च शिक्षा की फीस पर उन्होंने कहा कि समाज को अपनी सोच बदलनी होगी और अनावश्यक खर्चों की बजाय शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
महिलाओं की सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने दहेज प्रथा, बाल विवाह व सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ छात्राओं को आगे आने का आह्वान किया। युवाओं की राजनीति में सहभागिता पर उन्होंने कहा कि परिवार के साथ-साथ समाज के कार्यों में सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। अपनी सरलता के रहस्य के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि व्यक्ति को चाहे कोई भी पद मिले, उसे सादगी और अपनी पहचान बनाए रखनी चाहिए। यही जीवन की वास्तविक सफलता है।
कार्यक्रम में श्रीमती रेखा चूड़ासमा ने राज्यपाल जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने गुजरात में मंत्री एवं मुख्यमंत्री रहते हुए आंगनवाड़ी, बालिकाओं की शिक्षा आदि कार्यों में किए गए उल्लेखनीय योगदान का उल्लेख किया।
इस अवसर पर विद्यालय की उपलब्धियों का संग्रह पुस्तिका एवं विद्या भारती का कॉफी टेबल बुक राज्यपाल जी को भेंट किया गया तथा विद्यालय की छात्रा ने स्वयं द्वारा निर्मित राज्यपाल जी की स्केच फोटो उन्हें भेंट की। एक अन्य छात्रा ने राज्यपाल जी के समक्ष भजन की प्रस्तुति दी।
राज्यपाल जी ने भी छात्राओं और शिक्षकों को राजभवन से प्रकाशित पुस्तकें, ‘‘हमारा राजभवन’’, ‘‘आंगनबाड़ी मेरी आत्मा’’, ‘‘टी0बी0 अभियान’’, ‘‘राजभवन बैण्ड’’ ‘‘चुनौतियां मुझे पसन्द हैं’’ आदि की प्रतियां भेंट कीं तथा राजभवन प्राथमिक विद्यालय में चल रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट ग्रेडिंग प्राप्त विश्वविद्यालयों का भी जिक्र किया। अंत में राज्यपाल ने छात्राओं को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
राज्यपाल जी ने इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं को कलाकक्ष का भ्रमण कराया और उसकी विशेषताओं के बारे में बताया। इसके साथ ही छात्राओं ने राजभवन का भी भ्रमण किया।

By admin