एक जन्मदिन ऐसा भी
क्रांतिकारी शालू सैनी ने अपना जन्मदिन श्मशान घाट पुण्य आत्माओं के साथ व वृद्धाश्रम में वृद्ध माताओं के साथ मनाया
साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी ने अपना जन्मदिन एक मानवतापूर्ण तरीके से मनाया। उन्होंने अपना विशेष दिन श्मशान घाट पर लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करके और वृद्धाश्रम में वृद्ध माताओं के साथ समय बिताकर मनाया।
शालू सैनी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर श्मशान घाट में महाकाल जी के चरणों में फूल अर्पित कर व सभी पुण्य आत्माओं को पुष्प अर्पित अपनी खुशी उनके साथ साझा की शालू सैनी का यह कार्य न केवल मानवता की सेवा का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उनके संकल्प को भी दर्शाता है।
इसके बाद, शालू सैनी ने एक वृद्धाश्रम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने बुजुर्गो के साथ समय बिताया। उन्होंने इन माताओं से बातचीत की, उनके साथ भोजन किया और उनकी जरूरतों को समझने का प्रयास किया। इस दौरान शालू सैनी ने इन वृद्ध माताओं को उपहार भी वितरित किए और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास किया।
शालू सैनी का यह कार्य समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। उनके इस अनोखे जन्मदिन समारोह ने दिखाया कि सच्ची खुशी और संतुष्टि दूसरों की सेवा और सहायता में ही है। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से शालू सैनी निरंतर समाज सेवा के कार्यों में जुटी हुई हैं और उनके प्रयास समाज के विभिन्न वर्गों के लिए एक सशक्त संदेश प्रस्तुत करते हैं।
इस अवसर पर शालू सैनी ने कहा, “मेरा जन्मदिन मनाने का यह तरीका मुझे सच्ची खुशी देता है। जब हम दूसरों की सेवा करते हैं और उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास करते हैं, तभी हम सच्चे अर्थों में जीवन का उद्देश्य पा सकते हैं।”
शालू सैनी के इस कार्य को समाज के विभिन्न वर्गों से प्रशंसा मिली है और यह एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे हम अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ सकते हैं और समाज में बदलाव ला सकते हैं
