संस्कार-संगम में श्रम, आशा और उजाले का संदेश
बाल्मीकि मंदिर, पटेलनगर में दीपाली फाउंडेशन का भव्य आयोजन
देहरादून, 19 अगस्त ।भारतीय जीवन मूल्यों, श्रम और आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम रविवार को राजधानी में देखने को मिला। दीपाली फाउंडेशन के तत्वावधान में श्री बाल्मीकि मंदिर, पटेलनगर में आयोजित “संस्कार-संगम – आशा, श्रम और उजाला” कार्यक्रम में लोकसंस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक चेतना के स्वर गूंज उठे।
शुभारंभ की गरिमा
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् की स्वर-लहरियों के साथ हुआ। पूरा परिसर आध्यात्मिक और ऊर्जावान माहौल से भर गया।
प्रेरक उद्बोधन
मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक धनंजय जी ने कहा—
“भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति उसका श्रम और उसकी सामाजिक एकता है। श्रम को सम्मान और सेवा को कर्तव्य मानकर ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। मातृशक्ति यदि शिक्षित और आत्मनिर्भर होगी तो आने वाली पीढ़ी संस्कारित और सशक्त बनेगी।”
अतिथियों के विचार
प्रमुख अतिथि श्रीमती साधना जयराज (सेक्रेटरी, उत्तराखंड जन सेवा मंच एवं चिन्मय मिशन) ने कहा—
“मातृशक्ति को शिक्षा व स्वरोजगार का अवसर मिलना चाहिए। संस्कार-संगम समाज में नैतिकता और सहयोग को जीवित रखता है।”
विशिष्ट अतिथि श्रीमती स्वाती उनियाल (प्रधानाचार्य, हिमालयन पब्लिक स्कूल) ने कहा—
“शिक्षा तभी सार्थक है जब वह बच्चों में सेवा और संस्कार की भावना जगाए।”
लोकसंस्कृति की छटा
- बालक-बालिकाओं की देशभक्ति प्रस्तुतियाँ
- मातृशक्ति संवाद सत्र
- गढ़वाल की पारंपरिक झलक
लोकगीतों और नृत्यों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगाए। महिलाओं ने स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर अपने अनुभव साझा किए।
विशेष आकर्षण रहा घुमंतु परिवारों की सक्रिय भागीदारी, जिन्होंने अपनी कला और अनुभव साझा कर आयोजन को और अधिक जीवंत बना दिया।
सम्मान समारोह
कार्यक्रम में समाज सेवा और स्वरोजगार क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रेरक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम रहे—
सविता नौटियाल, सुनीता भारद्वाज, सुधा भट्ट, मीनाक्षी सिंह, कंचन घुनसाला, कुसुम भट्ट, कौशल्या देवी, नीलम बिष्ट, संगीता भट्ट, मीनू दीदान, आलोक सिंहा, अनुज वर्मा, प्रमोद शर्मा, सतीश जी, विशाल बिरला, प्रधान, उषा सैनी, मीनाक्षी जी सहित अनेक स्थानीय जन।
अध्यक्ष का संदेश
संस्था की अध्यक्ष एवं संस्थापक प्रीति शुक्ला ने कहा—
“दीपाली फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में संस्कार, श्रम और सेवा की भावना को सशक्त बनाना है। संस्कार-संगम केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आशा और उजाले की नई किरण लेकर आने वाला जन-आंदोलन है।”
समापन
कार्यक्रम का समापन हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। मंच संचालन सचिव दीपाली शुक्ला ने किया।
अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और विशेष रूप से घुमंतु परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने का संकल्प लिया।
