देहरादून, ब्यूरो।उत्तराखंड के वीर सपूतों की स्मृति और उनके अतुलनीय बलिदान को समर्पित सैन्यधाम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के गुनियाल गांव स्थित इस निर्माणाधीन स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों की गुणवत्ता, सौंदर्य और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन सके।
प्रधानमंत्री की परिकल्पना और राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट
मंत्री जोशी ने कहा कि सैन्यधाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना और उत्तराखंड सरकार के संकल्प का मूर्त रूप है, जो राज्य की वीरभूमि की भावना और शहीदों के सम्मान को समर्पित है। उन्होंने कहा,
“सैनिक कल्याण मंत्री के रूप में यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मैं इस पवित्र कार्य से जुड़ा हूं। यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि शौर्य, आत्मबलिदान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक स्थल बनेगा।”
जल्द जनता को समर्पित होगा सैन्यधाम
मंत्री ने बताया कि जैसे ही आदर्श आचार संहिता समाप्त होगी, राज्य सरकार तिथि तय कर इस भव्य सैन्यधाम को जनता को समर्पित करेगी। उन्होंने कहा कि इसके उद्घाटन को एक राजकीय श्रद्धांजलि उत्सव का रूप दिया जाएगा।
शहीदों की मिट्टी और पवित्र नदियों का जल बना रहा स्थल को आध्यात्मिक
गणेश जोशी ने बताया कि सैन्यधाम की विशेषता यह है कि इसमें उत्तराखंड के प्रत्येक शहीद के घर की मिट्टी तथा गंगा, यमुना सहित देश की अनेक पवित्र नदियों का जल एकत्र कर इसे एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी विशिष्ट स्थान बनाया गया है।
“यह स्थल न केवल हमारे शहीदों को श्रद्धांजलि है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगा। यहां आकर हर कोई यह महसूस करेगा कि देश की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया गया है, वह कभी भुलाया नहीं जाएगा।”
देशभर के सैन्य स्मारकों का अध्ययन कर बनी डिज़ाइन
मंत्री जोशी ने बताया कि देश के प्रमुख सैन्य स्मारकों का गहन अध्ययन कर सैन्यधाम की डिज़ाइन तैयार की गई है, जिससे यह स्थल राष्ट्र के लिए एक प्रेरणात्मक तीर्थस्थल के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि यह स्मारक सैन्य परंपराओं, गौरव और शौर्य की जीवंत प्रतीक स्थली होगा।
“जैसे श्रद्धालु चारधाम की यात्रा करते हैं, वैसे ही आने वाले वर्षों में सैन्यधाम भी ‘पंचम धाम’ के रूप में स्थापित होगा। यहां हर वर्ष लाखों लोग अपने वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने आएंगे।”
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश: गुणवत्ता से न हो समझौता
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह न केवल एक संरचना है, बल्कि यह राज्य के प्रत्येक नागरिक की भावनाओं का प्रतीक है।
उच्च स्तरीय समिति और सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान सैन्यधाम की उच्च स्तरीय समिति के सदस्य मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर (सेनि) अमृतलाल, एमडी उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट, अपर सचिव सैनिक कल्याण श्याम सिंह, तथा पेयजल निगम एवं अन्य निर्माण एजेंसियों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड सरकार का यह अभिनव प्रयास न केवल शहीदों के बलिदान को स्थायी श्रद्धांजलि देने का माध्यम बनेगा, बल्कि यह उत्तराखंड को राष्ट्रीय सैन्य चेतना के केंद्र के रूप में भी प्रतिष्ठित करेगा। मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में निर्माणाधीन सैन्यधाम निश्चित ही राज्य की सैन्य परंपरा का गौरवमयी स्मारक बनने जा रहा है।
