अतिवृष्टि से फसल नुकसान का मुआवजा और 11 मांगों को लेकर किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन

लक्सर। उत्तराखंड में लगातार अतिवृष्टि और आपदा से किसानों को हुए फसल नुकसान की भरपाई समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी लक्सर के माध्यम से भेजा। किसान संघ ने सरकार से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में अतिवृष्टि और आपदा ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसान संघ ने निजी नलकूपों की बिजली पूरे उत्तराखंड में निश्शुल्क करने तथा सरचार्ज माफ करने की मांग की। साथ ही अतिवृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर 70 प्रतिशत फसल क्षति के आधार पर मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।

किसानों ने कृषि यंत्रों पर पूरे प्रदेश में समान रूप से छूट और सब्सिडी देने की मांग रखी। गन्ना किसानों के लिए चीनी के बढ़ते दाम के अनुपात में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की मांग की गई। किसान संघ ने कहा कि बुआई के समय किसानों को खाद और बीज की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त व्यवस्था बुआई से पहले ही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

ज्ञापन में खेतों से पानी की निकासी के लिए नदी-नालों पर हुए अतिक्रमण को शीघ्र हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसान-मजदूर की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दूध का मूल्य 100 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने तथा महंगाई के अनुपात में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपये किए जाने की मांग की गई।

पर्वतीय क्षेत्रों में माल्टा, सेब और सब्जियों की बिक्री के लिए उचित व्यवस्था किए जाने की मांग करते हुए किसान संघ ने कहा कि पहाड़ के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता। इसके अलावा अतिवृष्टि एवं आपदा के कारण गन्ने की फसल प्रभावित होने पर गन्ने की अधिक सप्लाई वाले वर्ष के आधार पर किसानों के बेसिक कोटा के निर्धारण में उचित राहत देने की मांग की गई।

किसान संघ ने प्रदेश में बंदर, भालू और अन्य आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी चिंता जताई। संगठन ने मांग की कि किसानों की फसल बचाने के लिए सरकार की ओर से प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए।

किसान संघ ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे आंदोलन की रणनीति तय करेगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कृषि मंत्री, गन्ना मंत्री और जिलाधिकारी हरिद्वार को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कुशल पाल सिंह, मोहम्मद अजहर मिस भाई, जिला विद्युत प्रमुख विनोद सैनी, जिला कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, खंड अध्यक्ष लक्सर गोरख सिंह, खंड मंत्री लक्सर समय सिंह सैनी, शिवकुमार सैनी, खिले राम आर्य, रामगोपाल सिंह, संगठन मंत्री उत्तराखंड सुकर्म पाल राणा, चौधरी सेठपाल सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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