किसानों के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने को गांव-गांव नुक्कड़ सभाएं

किसानों के धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने को गांव-गांव नुक्कड़ सभाएं

सुकर्मपाल सिंह राणा

लक्सर। भारतीय किसान संघ उत्तराखंड, हरिद्वार जनपद की ओर से एक सितंबर को तहसील मुख्यालय लक्सर में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सोमवार को संगठन पदाधिकारियों ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाएं कीं। संगठन मंत्री उत्तराखंड सुकर्म पाल राणा, जिला मंत्री डा. आजाद सिंह और विकासखंड अध्यक्ष लक्सर गोरख सिंह ने मुंडाखेड़ा कला, अकोढ़ा खुर्द, औसपुर, पुराना व नया इस्माइलपुर सहित कई गांवों में किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक संख्या में तहसील परिसर पहुंचने की अपील की।

मुंडाखेड़ा कला निवासी विमल सैनी ने बताया कि 30 अगस्त की रात करीब 11 से दो बजे के बीच प्रेम सैनी पुत्र विशंभर सैनी के घर में डकैती की घटना हुई। आरोप है कि बदमाश करीब 25 लाख रुपये के सामान में से 65 हजार रुपये नकद और शेष जेवरात ले गए। मामले में थाना लक्सर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

काबुलपुरी रायघटी निवासी खिलेराम सैनी ने बताया कि कंप्यूटर में हुई गलती के कारण करीब आठ वर्ष पूर्व उसकी भूमि की खतौनी में ऋषिकेश निवासी व्यक्ति का नाम दर्ज हो गया था। आरोप है कि कई बार प्रयास के बावजूद तहसील कर्मचारियों द्वारा अभी तक अभिलेख दुरुस्त नहीं किए गए हैं।

इस्माइलपुर में आयोजित सभा में किसानों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड के किसानों को निश्शुल्क बिजली देने, गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल और दूध का मूल्य 100 रुपये प्रति लीटर करने, मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा जंगली पशुओं से फसल नष्ट होने पर किसानों को मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही महंगाई के अनुपात में किसान सम्मान निधि बढ़ाने तथा भारी बारिश और बाढ़ से नष्ट हुई फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग उठाई। किसानों के अनुसार क्षेत्र में करीब 50 प्रतिशत गन्ना, 50 प्रतिशत धान तथा 90 प्रतिशत चारा और सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है।

संगठन मंत्री सुकर्म पाल राणा ने कहा कि “जब तक किसान प्रशासन और शासन को अपनी शक्ति का एहसास नहीं कराएगा, तब तक उसकी सुनवाई नहीं होगी। किसान रहेगा मौन तो उसकी सुनेगा कौन।” उन्होंने किसानों से संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने और एक सितंबर को सुबह 11 बजे तहसील परिसर लक्सर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया।

इस दौरान प्रदीप सैनी, सुंदर सिंह, सुल्तान सिंह, चीनू भगत, प्रवीण पत्रकार, प्रेम सैनी, अवनीश सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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