जिला कार्यालय परिसर में डीएम मयूर दीक्षित ने किया ध्वजारोहण, स्वच्छता अभियान में सहयोग की अपील
डॉ मनोज कुमार
हरिद्वार,। जनपद हरिद्वार में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर एवं कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। उन्होंने जनपदवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की उद्देशिका की शपथ दिलाई गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान विश्व का सबसे सशक्त, सबसे बड़ा और लचीला संविधान है, जो समय के अनुरूप समाज की विभिन्न आवश्यकताओं को समाहित करता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव एवं अस्पृश्यता के उन्मूलन में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार एवं सम्मान प्रदान किया गया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जनपद एवं प्रदेश की उन्नति और प्रगति के लिए सभी को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा एवं ईमानदारी से करना होगा, तभी जनपद और राज्य विकास के पथ पर अग्रसर हो सकेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने जनपद में चलाए जा रहे महा स्वच्छता अभियान को और अधिक गति देने के निर्देश दिए तथा अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की, ताकि हरिद्वार को एक स्वच्छ और सुंदर जनपद के रूप में विकसित किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी पी. आर. चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य एवं जनपद को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए सभी को ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, जिससे विकास की गति को और मजबूती मिल सके।
कार्यक्रम में आनंदमयी सेवा सदन की छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गान एवं देशभक्ति गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाली छात्राओं को पुरस्कृत भी किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दीपेंद्र सिंह नेगी, वरिष्ठ कोषाधिकारी अजय कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, मुख्य वैयक्तिक अधिकारी सुदेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विकास भवन परिसर में मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने ध्वजारोहण किया, जबकि नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
