पिथौरागढ़। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पिथौरागढ़ पुलिस ने एक बार फिर सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए ओएलएक्स पर कार खरीदने के नाम पर 4.82 लाख रुपये की ठगी करने वाले अभियुक्त को राजस्थान के अलवर से कानून के शिकंजे में ले लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के मार्गदर्शन में की गई।
मामला 1 सितंबर 2025 का है, जब दोबांस निवासी महेश चंद्र ने थाना झूलाघाट में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए उन्होंने ओएलएक्स के माध्यम से संपर्क किया था। इस दौरान एक व्यक्ति ने स्वयं को आर्मी का जवान बताते हुए उनका विश्वास जीत लिया। आरोपी ने विभिन्न बहानों से गूगल पे के जरिए अग्रिम धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करवाई। कुछ ही समय में पीड़ित के बैंक खाते से धोखे से कुल 4 लाख 82 हजार 750 रुपये की धनराशि निकाल ली गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार तथा प्रभारी साइबर/सर्विलांस सेल नीरज भाकुनी के नेतृत्व में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन के विवरणों का गहन विश्लेषण करते हुए विवेचना को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पहले ही दो अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस तामील कर विधिक कार्रवाई की जा चुकी थी।
अग्रिम विवेचना में ओम प्रकाश उर्फ गोपाल कृष्ण शेकर पुत्र गुलबदन, निवासी अलवर (राजस्थान) का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद कोतवाली झूलाघाट पुलिस टीम ने सर्विलांस सेल के अपर उप निरीक्षक हेम चंद्र और कांस्टेबल कमल तुलेरा की सहायता से अलवर जाकर अभियुक्त की लोकेशन और पहचान की पुष्टि की। आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को धारा 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस तामील कर कानून के शिकंजे में लिया गया।
पिथौरागढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, सघन तकनीकी जांच और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। पिथौरागढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीद-फरोख्त या डिजिटल लेन-देन करते समय पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या लेन-देन की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते ठगी को रोका जा सके।

