घायलों की मसीहा बन इंसानियत की सच्ची मिसाल क्रांतिकारी शालू सैनी अब तक 500 से अधिक घायलों के लिए मसीहा बनने वाली पहली ऐसी महिला है जो अपने प्रयास से सड़क हादसे से घायलों को अस्पताल पहुंचाकर सही समय पर इलाज शुरू कराया है
साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी द्वारा अनेकों जनपदों में सड़क दुर्घटना में घायल हुए पीड़ितों की जान बचाने का सिलसिला कई वर्षों से लगातार जारी है 500 से अधिक घायलों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाकर सही समय से इलाज शुरू कराकर इंसानियत की मिसाल पेश की है
एक बार फिर सड़क दुर्घटना में घायल हुए सगे दो भाइयों की जान बचाने में मिली कामयाबी शनिधाम मोड़ शामली रोड मुजफ्फरनगर कर कार व बाइक सवार लोगों में जबरदस्त टक्कर हुई और बाइक सवार दो युवक गंभीर रुप से घायल हो गए मौके से गुजर रही क्रांतिकारी शालू सैनी ने तुरंत इंसानियत निभाए हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया और समय से इलाज शुरू कराया उसके बाद पुलिस को सूचना की व परिवार वालो को भी अवगत कराया सही समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए घायलों के परिवार वालो ने भी शालू सैनी का धन्यवाद किया
क्रांतिकारी शालू सैनी के लिए ये लाइन भी फिट बैठती है कि
*घायलों को जीवनदान व मृतकों को मोक्ष धाम*
क्योंकि क्रांतिकारी शालू सैनी लावारिस मृतकों के अंतिम संस्कार वारिस बनकर करती है और अब तक 5000 से ज्यादा अंतिम संस्कार की सेवा अपने हाथों से करती है हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार सेवा में लगी है
