गांव बाफर में धूमधाम से मनाई गई भगवान बलराम जयंती
किसानों ने किया देशी हल का पूजन, रासायनिक खाद के बहिष्कार और जैविक खेती का लिया संकल्प
देहरादून/बाफर, 29 अगस्त।भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तिथि पर शुक्रवार को गांव बाफर में किसान दिवस एवं भगवान बलराम जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर किसानों ने पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार देशी हल का पूजन कर भगवान बलराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
देशी हल की पूजा और संकल्प
कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ किसान मुनेश जी के आवास पर हवन-पूजन सम्पन्न हुआ।
किसानों ने हल्दी, रोली और चावल का तिलक कर, पुष्प एवं जल अर्पित कर देशी हल की पूजा की। इसके साथ ही रासायनिक खाद के बहिष्कार और देशी गाय आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने का सामूहिक निर्णय लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में किसानों ने वृक्षारोपण कर वृक्षों को बच्चों की तरह पालने-पोसने का संकल्प भी लिया। किसानों ने कहा कि वृक्षारोपण से पर्यावरण शुद्ध होगा, स्वास्थ्य के लिए शुद्ध वायु मिलेगी और आने वाली पीढ़ी के लिए अच्छा वातावरण बनेगा।
संगठन मंत्री ने दिया प्रेरणादायी संदेश
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ उत्तराखंड के संगठन मंत्री सुकर्म पाल राणा ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बलराम, जिन्हें बलदाऊ और शेषनाग के नाम से भी जाना जाता है, ने ही बीज और खेती का महत्व समाज को बताया था।
उन्होंने कहा कि –
“हर परिवार में कम से कम एक देशी गाय अनिवार्य होनी चाहिए। गाय से हमें शुद्ध दूध, शुद्ध चारा और जैविक खाद प्राप्त होता है। इससे शरीर निरोगी और बलशाली रहेगा। डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता नहीं होगी। आपसी भाईचारे से राष्ट्र मजबूत बनेगा और खेती की लागत घटेगी जबकि उत्पादन एवं आमदनी बढ़ेगी।”
कार्यक्रम में गूंजे नारे
पूरे कार्यक्रम स्थल पर किसानों के जोशीले नारे गूंजते रहे –
“भारतीय किसान संघ जिंदाबाद”, “जय जवान – जय किसान”, “भगवान बलराम की जय”, “भारत माता की जय”, “गौ माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “जय श्रीराम”।
किसानों की भारी सहभागिता
कार्यक्रम का आयोजन मनोज कुमार सिसोला खुर्द, मनोज कुमार मल्लापुर और अनुज कुमार सिहोरा बुजुर्ग के संयुक्त प्रयासों से हुआ।
इस मौके पर वीरपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, प्रेमपाल सिंह, मनोज चौधरी, मनोज फौजी, मुनीश कुमार, ऋषिपाल, नरेंद्र सिंह, अनिल कुमार, बिन्दर सिंह, अशोक कुमार, अमरपाल सिंह सहित अनेक किसान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संकल्पित किसान – मजबूत राष्ट्र
किसानों ने एक स्वर में कहा कि जैविक खेती और वृक्षारोपण ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे न केवल किसान की लागत घटेगी बल्कि उत्पादन और आय भी बढ़ेगी। शुद्ध अन्न और शुद्ध वायु से राष्ट्र निरोगी और बलशाली बनेगा।
