राज्य के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाएंगे ये सहयोग
नई दिल्ली/देहरादून, 7 जुलाई।उत्तराखंड की कृषि विकास योजनाओं को एक नया संबल मिला है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट की और प्रदेश की कृषि परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं विस्तार को लेकर करीब ₹3,800 करोड़ की केंद्रीय सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने इस पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग प्रदेश की कृषि आत्मनिर्भरता, यंत्रीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
कृषि क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में होंगे ये प्रयास
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड का भूगोल पर्वतीय है, जहां कृषि को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, बीज आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने, और स्टेट मिलेट मिशन के प्रभावी संचालन के लिए सहयोग का अनुरोध किया।
“कृषि हमारी रीढ़ है। किसान मजबूत होगा तो राज्य मजबूत होगा,” मुख्यमंत्री धामी ने कहा।
सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग और ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना हेतु सहायता मांगी। इसके अतिरिक्त कीवी और ड्रैगन फ्रूट मिशन को प्रोत्साहन देने की बात कही गई, जिससे किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
सुपर फूड्स और एग्रो टूरिज्म को भी बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में सुपर फूड्स (जैसे मशरूम और एक्सॉटिक वेजिटेबल्स) की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इनके लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना हेतु भी केंद्रीय मदद का आग्रह किया, जिससे युवाओं को कृषि आधारित उद्यमिता और ग्रामीण पर्यटन से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार
भेंट के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड की पहाड़ी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को विशेष प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री धामी ने इस सैद्धांतिक मंजूरी और सकारात्मक रुख के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
राज्य की कृषि को मिलेगा नया बल
इस केंद्रीय सहायता से उत्तराखंड में न केवल कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। विशेषकर पर्वतीय जिलों में किसानों को कृषि-आधारित स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे।
पृष्ठभूमि: मुख्यमंत्री का सतत प्रयास
मुख्यमंत्री धामी राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। इससे पूर्व भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर स्टार्टअप कृषि मिशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, और उद्यानिकी मिशन के लिए सहयोग मांगा था। ₹3,800 करोड़ की यह मंजूरी उनके दृढ़ राजनीतिक संकल्प और किसान हितैषी दृष्टिकोण का परिचायक है।
