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देहरादून, ब्यूरो।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अपने शासकीय आवास में आयोजित “राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश भर से आए चिकित्सकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स केवल चिकित्सक नहीं, बल्कि “धरती पर जीवनदाता” की भूमिका निभाते हैं, जो अपने ज्ञान, सेवा और करुणा से समाज को स्वस्थ रखने में अमूल्य योगदान दे रहे हैं।

सेवा, समर्पण और संवेदना का प्रतीक है चिकित्सा पेशा: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर सभी चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आप लोग अपनी सेवा, समर्पण और करुणा से अनगिनत लोगों को संजीवनी प्रदान करते हैं। डॉक्टर का पेशा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक नोबल प्रोफेशन है, जो समाज में आस्था, श्रद्धा और विश्वास का केंद्र है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्म का अद्वितीय संगम है और हमारी चिकित्सा प्रणाली भी इसी वैज्ञानिक सोच और शोध की उपज है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए प्रत्येक चिकित्सक से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उनका सम्मान भी किया।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा,

आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक प्रदेश में लगभग 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना के अंतर्गत 11 लाख से अधिक मरीजों को ₹2,100 करोड़ से अधिक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जा चुकी है।”

हर जिले में मेडिकल कॉलेज, ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुँचेगी आधुनिक चिकित्सा सेवा

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करना है।

“प्रदेश के पाँच मेडिकल कॉलेज पहले से संचालित हैं जबकि दो नए कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपने ही जिले में उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।”

साथ ही, राज्य में संचालित निःशुल्क जांच योजना के अंतर्गत 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें अब सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्टाफ की कमी दूर करने के लिए सरकार संकल्पबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्सा स्टाफ की कमी को दूर किया जाए। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है।

चिकित्सकों से भावनात्मक अपील: जनता की श्रद्धा को बनाकर रखें

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के मन में डॉक्टर के प्रति जो सम्मान और विश्वास है, उसे और सशक्त करना आवश्यक है।

आपका आचरण और सेवा ही समाज में आपकी छवि को जीवित रखता है। यह छवि आपको ‘धरती का भगवान’ बनाती है, अतः इसे बनाकर रखें।”

समारोह में अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सकों की उपस्थिति

कार्यक्रम में प्रदेश के कई प्रमुख चिकित्सक शामिल हुए। इनमें डॉ. आर. के. जैन, डॉ. गीता खन्ना, डॉ. सुनीता टम्टा, डॉ. कृष्ण अवतार, डॉ. आर. एस. बिष्ट, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. महेश कुड़ियाल, डॉ. प्रशांत, डॉ. नंदन सिंह बिष्ट सहित कई सरकारी एवं निजी चिकित्सक उपस्थित रहे।

“राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे” पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि यह संदेश देने का भी माध्यम बना कि उत्तराखंड सरकार राज्य को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सर्वसुलभ बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

By admin