देहरादून, ब्यूरो।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अपने शासकीय आवास पर वरिष्ठ फोटोग्राफर भूमेश भारती द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक “एरियल विस्टाज़ ऑफ उत्तराखण्ड” का भव्य विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जहां भारती की कलात्मक दृष्टि और 15 वर्षों की साधना को सराहा, वहीं उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की सरकार की योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमेश भारती जी ने उत्तराखण्ड की अनुपम प्राकृतिक छटा, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक परिवेश को अपनी अद्वितीय फोटोग्राफी के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक केवल एक फोटोग्राफिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आत्मा का एक सुंदर परिदृश्य है।
दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड से पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड के शीघ्र प्रारंभ होने से प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि की संभावना है। इसके लिए राज्य सरकार पहले से ही सक्रिय रूप से नियोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि शहर की ट्रैफिक समस्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 26 किलोमीटर लंबे रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
धामी ने कहा कि सरकार ने नीति आयोग से फ्लोटिंग पॉपुलेशन के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु विशेष ग्रांट की भी मांग की है।
6,500 एकड़ भूमि अतिक्रमण से मुक्त, विकास को नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 6,500 एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है, जो राज्य में समन्वित विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में निरंतर विकास के नवाचारों को अपनाया जा रहा है, जिससे हर क्षेत्र में राज्य आगे बढ़ रहा है।
‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ को विश्व मानचित्र पर लाने का संकल्प
धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड’ को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
इसी क्रम में सरकार ने नई पर्यटन नीति लागू की है, जिसके माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
फिल्म उद्योग के लिए बना आदर्श राज्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम शुरू किया गया है। सरकार राज्य में शूटिंग करने वाले फिल्म निर्माताओं को विशेष सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी प्रदान कर रही है। इन्हीं प्रयासों के कारण उत्तराखण्ड को ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
चार गांवों को मिला ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम’ पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा उत्तराखण्ड के जखोल (उत्तरकाशी), हर्षिल (उत्तरकाशी), गूंजी (पिथौरागढ़) और सूपी (नैनीताल) गांवों को ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। यह राज्य की ग्रामीण पर्यटन क्षमता का प्रमाण है।
विकल्प रहित संकल्प के साथ कर रहे कार्य: धामी
धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने हेतु ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाते हुए सतत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती सुरेखा डंगवाल, वरिष्ठ पत्रकार श्री सतीश शर्मा एवं प्रदेश भर से आए फोटोजर्नलिस्टों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने भूमेश भारती के कार्य को सराहा और राज्य सरकार के पर्यटन उन्नयन प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा विमोचित यह कॉफी टेबल बुक केवल उत्तराखण्ड की खूबसूरती को दिखाने वाला दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के पर्यटन, सांस्कृतिक और विकासोन्मुखी भविष्य का भी प्रतीक बनकर सामने आई है। सरकार के सतत प्रयासों से उत्तराखण्ड अब देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी विशेष पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
