खटीमा में मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

आधुनिक सुविधाओं से लैस विद्यालय में स्थापित की गई स्टेम लैब, बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान और तकनीक सीखने का मिलेगा अवसर

65.07 लाख की लागत से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बने मंच और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी किया लोकार्पण

एच एस सैनी
देहरादून/खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई के उद्घाटन समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के पुनर्निर्माण एवं आधुनिकीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही 65.07 लाख रुपये की लागत से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में नवनिर्मित मंच और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भी उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट और उपहार वितरित किए तथा उनके साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को झूला भी झुलाया। उनके इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी ली।

करोड़ों की लागत से तैयार हुआ आधुनिक मॉडल स्कूल

मुख्यमंत्री ने इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (आईजीएल) और विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार आधुनिक मॉडल स्कूल का लोकार्पण करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव का क्षण है कि क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में करीब 70 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां उच्च स्तर की आधुनिक सुविधाओं से युक्त पांच कक्ष तैयार किए गए हैं। विद्यालय में विशेष रूप से स्टेम लैब स्थापित की गई है। इसके माध्यम से बच्चे खेल-खेल में विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित की बारीकियों को समझ सकेंगे। इससे बच्चों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना विकसित करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का पहला गांव बताते हुए उनके विकास पर विशेष ध्यान दिया है। नगला तराई और आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां बागवानी, कृषि, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के स्टार्टअप, रोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने मधुमक्खी पालन यानी मौन पालन को भी रोजगार और आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से इन संभावनाओं का लाभ उठाकर क्षेत्र के आर्थिक विकास में भागीदारी करने का आह्वान किया।

शिक्षा के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए चार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। इससे विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी।

उन्होंने बताया कि कक्षा एक से 12 तक के करीब 1.45 लाख छात्र-छात्राओं को नोटबुक उपलब्ध कराने के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देना है।

विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब का हो रहा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए कक्षा 11 और 12 के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी टैबलेट उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

इसके अलावा प्रदेश के 87 माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास, 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और 16 माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।

डिजिटल लाइब्रेरी और बालिका इंटर कॉलेज के भवन का निर्माण

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे अन्य विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम श्री थारू राजकीय इंटर कॉलेज में तीन करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण और विद्यालय के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।

इसके अतिरिक्त रुद्रपुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिला पुस्तकालय का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं खटीमा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे क्षेत्र की छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिल रही निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश के 152 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा आठ से 10 तक के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है।

इसके साथ ही कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों की राह में बाधा न बनें और हर बच्चे को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा, दिनेश राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, इंडिया ग्लाइकोल्स के निदेशक आलोक सिंघल, राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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