धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड 25 हजार, खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा, खेल, माध्यमिक शिक्षा, कारागार, विधि एवं पर्यटन समेत विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने, व्यायाम शिक्षकों के पद सृजित करने तथा शासकीय अधिवक्ताओं की फीस का पुनर्निर्धारण करने समेत कई फैसले लिए।
मुख्यमंत्री के अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी।

एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार
कैबिनेट ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एमबीबीएस इंटर्न के हित में बड़ा निर्णय लिया है। श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा स्थित राजकीय मेडिकल कालेजों के एमबीबीएस इंटर्न को अब न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।
वर्तमान में एमबीबीएस इंटर्न को 17 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा था। कैबिनेट के निर्णय के बाद इसमें आठ हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि होगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों में कार्यरत इंटर्न को सीधा लाभ मिलेगा।
खिलाड़ियों को 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। खेल नीति-2021 के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इसके तहत खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग के कुल 243 पदों पर पदक विजेता खिलाड़ियों को नियुक्ति प्रदान किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर मिलेंगे तथा युवा खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
व्यायाम शिक्षकों के 33 नए पद सृजित
खेल प्रतिभाओं को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति देने के क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी पद सृजन को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
खेल विभाग के निर्धारित शासनादेश में किए गए प्रविधानों के तहत अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को उत्तराखंड में राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन दिया जाना है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के कुल 1898 सृजित पदों में से 33 पद समर्पित करते हुए अपर सहायक अध्यापक व्यायाम लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाएंगे।
शासकीय अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने को मंजूरी
कैबिनेट ने उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को दिए जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी है।
शासकीय अधिवक्ताओं की फीस में वृद्धि को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समीक्षा समिति गठित की गई थी। समिति ने फीस की दरों में वृद्धि की संस्तुति की थी। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब शासकीय अधिवक्ताओं को निर्धारित नई दरों के अनुसार शुल्क भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का नया पद
कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
गृह विभाग के कारागार विभाग के सुधारात्मक विंग के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार के एक नवसृजित पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने के उद्देश्य से सेवा नियमावली में संशोधन किया जाएगा। इसके साथ ही विभागीय एवं कर्मचारी हित में उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की।
विधिक माप विज्ञान नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली, 2012 में संशोधन करते हुए उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को स्वीकृति दी।
यह निर्णय भारत सरकार के Ease of Doing Business Compliance Reduction और Trust Based Regulatory Framework के तहत चलाए जा रहे De-regulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम से जुड़ा है। केंद्र सरकार की ओर से संबंधित संशोधन एक मई 2026 से देशभर में लागू किया गया है।
विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 23 में किए गए संशोधन के अनुरूप लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए राज्य की नियमावली में आवश्यक बदलाव किया जाएगा। इसका उद्देश्य वजन एवं माप से संबंधित लाइसेंसिंग व्यवस्था को अधिक सरल और सुगम बनाना है।
विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके साथ ही उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वार्षिक लेखा विवरण को भी विधानमंडल के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई है।
मसूरी रोपवे परियोजना से जुड़ा भूमि प्रस्ताव मंजूर
देहरादून के पुरुकुल गांव से मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना से जुड़े भूमि संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
परियोजना के अपर टर्मिनल प्वाइंट और पार्किंग निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को प्राप्त भूमि पर पहले से गढ़वाल सभा मसूरी को लीज पर दी गई भूमि के बराबर 972 वर्ग मीटर भूमि मसूरी स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम की पार्किंग के लिए क्रय की गई भूमि में से लीज पर दिए जाने की अनुमति दी गई है।
हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल के लिए 15 एकड़ भूमि
कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के चिकित्सालय हरिद्वार के समीप चिन्हित 15 एकड़ भूमि को ईएसआई के निर्माण के लिए आवंटित किए जाने को भी मंजूरी प्रदान की है।
इससे क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम से संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का फोकस—उद्योग, स्वास्थ्य और खेल को मजबूती
कैबिनेट के फैसलों में एक ओर जहां मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में वृद्धि के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े युवाओं को राहत दी गई है, वहीं खेल नीति के तहत पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न नियुक्ति और शिक्षा विभाग में 33 नए पद सृजित कर खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा में अवसर देने की व्यवस्था की गई है।
इसके साथ ही Ease of Doing Business के तहत लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, न्यायिक मामलों में शासकीय अधिवक्ताओं की फीस का पुनर्निर्धारण करने और ईएसआई स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे निर्णयों से सरकार ने प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े विषयों पर भी अपना फोकस स्पष्ट किया है।
