विद्यालय परिवार ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया श्रद्धापूर्वक स्मरण, आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
देहरादून। डीएवी इंटर कॉलेज के संरक्षक रहे स्वर्गीय डॉ. नागेंद्र स्वरूप की जयंती पर मंगलवार को विद्यालय परिसर में श्रद्धा और भावुकता का वातावरण रहा। विद्यालय परिवार ने अपने संरक्षक को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. नागेंद्र स्वरूप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य एसके श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. नागेंद्र स्वरूप का जीवन शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी महान व्यक्तित्व की वास्तविक विरासत केवल उनकी स्मृतियां नहीं, बल्कि उनके विचार और आदर्श होते हैं। डॉ. नागेंद्र स्वरूप ने शिक्षा को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम माना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।
प्रधानाचार्य ने कहा कि डॉ. नागेंद्र स्वरूप विद्यालय परिवार के लिए केवल संरक्षक ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत भी रहे। उनके विचारों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें संस्कारवान, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की भावना प्रमुख थी। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर विद्यालय परिवार शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी डॉ. नागेंद्र स्वरूप के प्रति अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने योगदान और विचारों के माध्यम से जो मूल्य स्थापित किए, उन्हें आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वक्ताओं ने कहा कि आज के बदलते परिवेश में डॉ. नागेंद्र स्वरूप के आदर्श और भी अधिक प्रासंगिक हैं। विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता, मानवीय संवेदनाएं और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना उनके विचारों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
जयंती के अवसर पर विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि डॉ. नागेंद्र स्वरूप की स्मृतियों और उनके आदर्शों को केवल आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि विद्यालय की शैक्षिक एवं सामाजिक गतिविधियों में उनके विचारों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहा कि उनके आदर्श विद्यालय परिवार को भविष्य में भी सही दिशा दिखाते रहेंगे।
इस दौरान प्रधानाचार्य एस के श्रीवास्तव ,शिक्षक राजेश सिंह, सचिन, श्री कटियार, एसके त्रिपाठी, डॉ. बबीता, सहोत्रा समेत विद्यालय परिवार के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. नागेंद्र स्वरूप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने दोहराया कि डॉ. नागेंद्र स्वरूप की स्मृतियां और उनके आदर्श सदैव विद्यालय की शैक्षिक परंपरा को नई दिशा और प्रेरणा देते रहेंगे।
