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न्यायालय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: एसपी चमोली ने खुद संभाली कमान, पुलिस बल के साथ किया न्यायालय परिसर का सुरक्षा ऑडिट
विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न जनपदों के मा० न्यायालयों को ई-मेल के माध्यम से मिली ‘बम से उड़ाने’ की धमकियों को चमोली पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। पुलिस मुख्यालय के आदेशों का अक्षरशः पालन करते हुए सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक चमोली स्वयं पुलिस बल के साथ मा० न्यायालय परिसर पहुँचे और सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व किया।
सुरक्षा मानकों को सर्वोपरि रखते हुए, एहतियात के तौर पर सबसे पहले पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया। इसके उपरांत पूरे परिसर का गहन तकनीकी निरीक्षण और सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
 न्यायालय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसपी चमोली ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
 प्रवेश एवं निकास द्वारों पर केवल वैध पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
 प्रत्येक आगंतुक की स्क्रीनिंग हेतु एलआईयू एवं स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है। न्यायालय कर्मचारियों की भी प्रवेश द्वार पर ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनके पास पहचान पत्र न हो उनकी पुष्टि की जाएगी।
 कुख्यात अपराधियों की पेशी के दिनों में पूर्व सूचना के आधार पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
 बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) एवं डॉग स्क्वाड द्वारा नियमित रूप से परिसर की सघन जांच की जाएगी।
 आपात स्थिति से निपटने हेतु क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को मुस्तैद रखा गया है, जो पुलिस लाइन/पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप उपलब्ध रहेगी।
 पुलिस बल द्वारा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की गई है।
न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की आवश्यकता एवं सुदृढ़ीकरण के संबंध में भी समीक्षा की गई।
“माननीय न्यायालयों और न्यायाधीशों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा ऑडिट किया गया है और अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। चमोली पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।” — सुरजीत सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक, चमोली।
इस दौरान एसपी चमोली द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार पाठक, पुनीत कुमार (सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), न्यायिक मजिस्ट्रेट गोपेश्वर लवल कुमार वर्मा एवं न्यायालय कर्मचारियों के साथ सुरक्षा, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई साथ ही भरत सिंह रावत, अध्यक्ष बार एसोसिएशन, संदीप रावत, सचिव बार एसोसिएशन व अन्य अधिवक्ताओं के साथ बैठक की गई।

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