लखनऊ में सजा ज्ञान का महाकुंभ, राज्यपाल ने किया राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शुभारंभ
लखनऊ, संवाददाता। किताबों की खुशबू और पाठकों की रौनक से बलरामपुर गार्डन शुक्रवार को खास बना रहा। यहां आयोजित 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले का उद्घाटन प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। राज्यपाल ने मेले का भ्रमण किया, स्टॉलों पर जाकर किताबें देखीं और कुछ किताबें खुद खरीदकर पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
इस मौके पर उन्होंने प्रकाशकों और विक्रेताओं से संवाद करते हुए कहा कि किताबें जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। पढ़ने की आदत न केवल ज्ञान बढ़ाती है बल्कि व्यक्तित्व को भी निखारती है।
‘विजन 2047 : विकसित भारत, विकसित प्रदेश’ थीम पर आधारित इस मेले में पाँच दर्जन से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों और संस्थानों के लगभग सवा सौ स्टॉल लगे। राजकमल, लोकभारती, वाणी, भारतीय ज्ञानपीठ, प्रभात, सस्ता साहित्य मंडल, प्रकाशन संस्थान, दिव्यांश और सेतु प्रकाशन जैसे दिग्गज प्रकाशकों की मौजूदगी ने मेले की शान बढ़ाई। हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं की हजारों किताबें पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करती रहीं।
किताब प्रेमियों की भीड़ ने आयोजकों के उत्साह को दोगुना कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग अपने-अपने पसंदीदा साहित्यकारों और विषयों की किताबें चुनते नजर आए।
इस मौके पर आयोजकों ने राज्यपाल को पौधे और किताबें भेंट कर स्वागत किया।
